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25 अगस्त से 8 सितम्बर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा, उज्जैन CMHO ने की लोगों से की अपील; डॉ. पटेल बोले— एक नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिलती है!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूक करना और अधिक से अधिक नागरिकों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करना है।
क्यों ज़रूरी है नेत्रदान?
देशभर में लाखों लोग कॉर्निया की खराबी के कारण दृष्टिहीनता से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि अधिक लोग नेत्रदान के लिए आगे आते हैं तो इन रोगियों को नया जीवन दिया जा सकता है।
कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त या खराब कॉर्निया को निकालकर उसकी जगह एक स्वस्थ कॉर्निया लगाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और इससे अंधेपन से जूझ रहे व्यक्ति की दृष्टि वापस लौट सकती है।
सरकार का विशेष कार्यक्रम
शासन द्वारा राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नेत्र रोगों की पहचान और उनका उपचार उपलब्ध कराया जाता है। खासकर मोतियाबिंद जैसी समस्या का इलाज और ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क किया जाता है। समय पर इलाज कराने से मरीज अपनी नेत्र ज्योति वापस पा सकते हैं।
आंखों की सुरक्षा और देखभाल के टिप्स
डॉ. पटेल ने बताया कि आंखें प्रकृति की अनमोल देन हैं और इनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से रोजमर्रा की जिंदगी में आंखों की देखभाल के लिए कुछ सुझाव दिए—
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दिन में 3–4 बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
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आंख पोंछने के लिए हमेशा साफ तौलिया या रूमाल का इस्तेमाल करें।
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सीधे सूर्य की रोशनी में न देखें।
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आहार में विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पपीता, गाजर, पालक, मैथी शामिल करें।
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छोटे बच्चों को समय-समय पर विटामिन-ए का घोल पिलवाएं।
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आंखों को धूप, धूल और धुएं से बचाएं।
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कंप्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें।
वृद्धजनों में मोतियाबिंद की समस्या
डॉ. पटेल ने बताया कि वृद्धावस्था में मोतियाबिंद की समस्या आम है। यदि इसका समय रहते ऑपरेशन करा लिया जाए तो मरीज की दृष्टि वापस आ सकती है। लेकिन लापरवाही बरतने पर स्थायी अंधापन भी हो सकता है। सरकार की ओर से यह ऑपरेशन जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है।
जनता से अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उज्जैन वासियों से अपील की है कि वे नेत्रदान के महत्व को समझें और आगे बढ़कर इसमें सहयोग करें। एक नेत्रदान से दो लोगों की जिंदगी बदल सकती है।