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उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर, घाटों के मंदिर डूबे; अगले 10 दिन तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी, श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की प्रशासन ने की अपील!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बुधवार-गुरुवार को हुई भारी बारिश के बाद उज्जैन में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। गुरुवार सुबह से रामघाट क्षेत्र में पानी का दबाव इतना बढ़ा कि घाट पर बने कई मंदिर पूरी तरह डूब गए। यहां तक कि बड़नगर की ओर जाने वाली छोटी रपट भी जलमग्न हो गई।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी किनारे और घाटों के आसपास न जाएं। घाट क्षेत्र में नगर निगम व पुलिसकर्मी लगातार तैनात हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
उज्जैन-इंदौर में भारी बारिश से बिगड़ा हाल
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बुधवार देर रात से उज्जैन और इंदौर में लगातार तेज बारिश होती रही।
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गुरुवार दोपहर को भोपाल में भी कई इलाकों में तेज पानी गिरा।
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धार जिले के मनावर में सुबह से ही भारी बारिश हुई, जिससे स्कूल-कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
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रामघाट के छोटे-छोटे मंदिर पानी में समा गए।
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कई घाटों पर बने मंदिरों के भीतर पानी भर गया।
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नदी के किनारे बने इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
श्रद्धालु सुबह से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन घाट क्षेत्र में प्रशासन ने लोगों को रोक दिया।
10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश की चेतावनी दी है।
भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश की संभावना है।
पिछले 24 घंटे का रिकॉर्ड:
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सिवनी – 3 इंच बारिश
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रतलाम – 2.2 इंच
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छिंदवाड़ा – 1.1 इंच
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शिवपुरी – 1 इंच
भोपाल, उज्जैन, इंदौर, श्योपुर और धार में हल्की बारिश दर्ज हुई।
उज्जैन का बारिश रिकॉर्ड
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2006 – अगस्त में 35 इंच बारिश (रिकॉर्ड)
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10 अगस्त 2006 – 24 घंटे में 12 इंच बारिश (रिकॉर्ड)
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अगस्त की औसत बारिश – 10 इंच
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हर साल औसतन 10–11 दिन बारिश होती है
इस बार भी अगस्त में बारिश का दौर लगातार जारी है और गणेश चतुर्थी तक इसके रुकने की संभावना नहीं है।
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा
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अब तक औसत बारिश – 35.9 इंच (6.7 इंच ज्यादा)
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सामान्य औसत – 37 इंच (97% कोटा पूरा)
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गुना – 53.8 इंच
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मंडला – 53.1 इंच
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अशोकनगर – 50.5 इंच
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शिवपुरी – 49.9 इंच
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रायसेन – 49.6 इंच
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सबसे कम बारिश – इंदौर (16.5 इंच), बुरहानपुर (19 इंच), खरगोन (19.1 इंच), खंडवा (19.6 इंच), बड़वानी (20.1 इंच)
प्रशासन का अलर्ट
उज्जैन जिला प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी है। पुलिस लगातार श्रद्धालुओं को चेतावनी दे रही है कि वे पानी के बहाव के नजदीक न जाएं। अगले कुछ दिनों तक शिप्रा नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।