- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन को मिला बड़ा तोहफ़ा: कैबिनेट बैठक में स्वीकृत हुआ नया रेलवे ओवरब्रिज, 2,935 करोड़ की एक्सप्रेसवे परियोजना भी मंजूर
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक उज्जैन के लिए बेहद अहम साबित हुई। बैठक में न केवल उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड मार्ग और नवीन रेलवे ओवरब्रिज को स्वीकृति मिली, बल्कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण योजनाओं के पुनरीक्षण पर भी बड़ी मुहर लगी।
जल जीवन मिशन: ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन से पानी
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा हुई और 2,813 करोड़ 21 लाख रुपये अतिरिक्त लागत वहन करने का निर्णय लिया गया। यह राशि जल जीवन मिशन के तहत पहले से स्वीकृत योजनाओं के पुनरीक्षण के लिए खर्च होगी।
प्रदेश में अब तक कुल 27,990 ग्राम-स्तरीय नल जल योजनाएं और 148 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से लगभग 15,947 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 12,043 योजनाओं पर काम चल रहा है।
हालांकि, अब तक 8,358 परियोजनाओं में पुनरीक्षण की आवश्यकता पड़ी, जिसकी वजह से कुल लागत बढ़कर 9,026 करोड़ 97 लाख रुपये तक पहुँच गई है। इस पहल से लगभग 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध होंगे।
उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
मंत्रि-परिषद ने लंबे समय से चर्चा में रही उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग परियोजना को हरी झंडी दे दी।
-
लंबाई: 48.10 किलोमीटर
-
निर्माण: 4 लेन विद पेव्हड शोल्डर + दोनों ओर 2 लेन सर्विस रोड
-
मॉडल: हाइब्रिड एन्यूटी (HAM)
-
लागत: 2,935 करोड़ 15 लाख रुपये (भू-अर्जन सहित)
इस परियोजना के अंतर्गत 34 अंडरपास, 2 फ्लाईओवर, 1 आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज), 7 मध्यम पुल और 2 वृहद जंक्शन बनाए जाएंगे। सड़क सुरक्षा, रोड मार्किंग और जंक्शन सुधार जैसे कार्य भी शामिल रहेंगे। सड़क निर्माण व संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष होगी।
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में नया रेलवे ओवरब्रिज
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। शहर के हरिफाटक रेलवे क्रॉसिंग पर नवीन रेलवे ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृति दी गई है।
-
लंबाई: 980 मीटर (हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक)
-
निर्माण: 4 लेन आरओबी
-
लागत: 371 करोड़ 11 लाख रुपये
यह परियोजना सिंहस्थ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत की गई है।
नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग परियोजना
बैठक में नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग को भी मंजूरी दी गई।
-
लंबाई: 72.18 किलोमीटर
-
निर्माण: 2 लेन विद पेव्हड शोल्डर
-
लागत: 972 करोड़ 16 लाख रुपये
-
मॉडल: हाइब्रिड एन्यूटी (HAM)
-
प्रमुख निर्माण: 2 अंडरपास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन, 52 मध्यम जंक्शन सुधार
-
कंसेशन अवधि: 17 वर्ष
उज्जैनवासियों को सीधा लाभ
इन निर्णयों से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी, ट्रैफिक प्रबंधन और पेयजल आपूर्ति को नई मजबूती मिलेगी। खासकर सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और ग्रीनफील्ड मार्ग शहर की संरचना को आधुनिक स्वरूप देंगे।