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उज्जैन SBI चोरी: जय भावसार उर्फ जीशान को दोस्तों ने कराया ब्रेनवॉश, यूट्यूब पर देखता था धर्म परिवर्तन वीडियो; मां बोली – हमें तो ‘जीशान’ नाम तक नहीं पता!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के महानंदा नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ब्रांच में हुई करोड़ों की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी शातिर अपराधी नहीं, बल्कि बैंक का ही आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार था। जय ने चोरी की साजिश अपने चार दोस्तों – अब्दुल्ला, साहिल, अरबाज और कोहिनूर – के साथ मिलकर रची और बैंक से लगभग 4 किलो 700 ग्राम सोना और 8 लाख रुपए नकद गायब कर दिए।
कैसे हुई चोरी
2 सितंबर की रात आरोपियों ने बैंक में घुसकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया। चोरी के बाद सबसे पहले सुबह जय ही सफाई के बहाने बैंक पहुंचा और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। जांच में खुलासा हुआ कि कुल 5 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का सोना और 8 लाख कैश चोरी हुआ था। बैंक प्रबंधन की रिपोर्ट पर माधव नगर थाने में FIR दर्ज कराई गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
चोरी की खबर मिलते ही एडीजी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। क्राइम ब्रांच और चार थानों की टीम गठित की गई। महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने न केवल चोरी का राजफाश किया बल्कि आरोपियों को भी पकड़ लिया।
धर्म परिवर्तन का एंगल
पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, जय भावसार उर्फ जीशान पिछले छह महीनों से अपने चार दोस्तों के संपर्क में था, जो लगातार उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। इस दौरान जय यूट्यूब पर धर्म परिवर्तन और कथित ‘धर्म गुरुओं’ के प्रवचन से जुड़े वीडियो देखता रहता था। इसी मानसिक प्रभाव और दोस्तों के दबाव ने उसे अपराध की राह पर धकेला।
जय की मां का बयान
जय की मां सरोज भावसार, जो बिलोटीपुरा क्षेत्र के एक कच्चे मकान में रहती हैं, को बेटे के धर्म परिवर्तन की जानकारी तक नहीं थी। उन्होंने कहा – “हमने तो जीशान नाम कभी सुना ही नहीं। बेटा घर पर पूजा-पाठ नहीं करता था, लेकिन यह भी नहीं लगा कि उसका झुकाव किसी दूसरे धर्म की ओर है। चोरी की घटना के बारे में भी हमें कुछ पता नहीं। हम तो बस यही चाहते हैं कि वह घर लौट आए।”
जय की मां का यह बयान साफ करता है कि परिवार पूरी तरह अनजान था और जय बाहरी प्रभाव में आकर दोहरी जिंदगी जी रहा था।
हाट पिपलिया से गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच डीएसपी शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि जय से पूछताछ में उसके चारों साथियों का लोकेशन हाट पिपलिया में होने का पता चला। वहां आरोपी अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपे हुए थे। पुलिस ने कॉलोनी में पहुंचकर जानकारी जुटाई। संदेह गहराने पर टीम ने घर की घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने अंदर झांका, आरोपियों की मौजूदगी का अंदेशा पक्का हो गया। चारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पहले से तैनात पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने चोरी का पूरा सामान और नकदी बरामद कर ली है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन में शामिल टीम को बधाई दी।