- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत उज्जैन से 179 श्रद्धालु रामेश्वरम के लिए रवाना, नगर निगम सभापति कलावती यादव ने पुष्पमाला पहनाकर किया सम्मान; 12 सितंबर को उज्जैन लौटेंगे श्रद्धालु!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
धार्मिक नगरी उज्जैन से रविवार को मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं का एक जत्था भगवान रामनाथस्वामी के पावन धाम रामेश्वरम के लिए रवाना हुआ। इस विशेष यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन से पर्यटक ट्रेन चलाई गई, जिसमें जिले के 179 तीर्थ यात्री शामिल हुए।
प्रस्थान से पूर्व उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने सभी श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएँ पहनाकर सम्मानित किया और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर यात्रियों के चेहरों पर विशेष उत्साह और भक्ति का भाव देखने को मिला।
यात्रा के लिए रवाना हो रहे तीर्थयात्रियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस पावन धाम के दर्शन की इच्छा रखते थे, और यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल से शुरू हुई इस योजना के कारण। श्रद्धालुओं ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना ने हजारों वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को घर बैठे तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया है।
प्रत्येक यात्री की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों के साथ अनुरक्षक भी भेजे गए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। भोजन, चिकित्सा और ठहरने की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
रामेश्वरम को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक रामनाथस्वामी मंदिर के कारण विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि स्वयं भगवान श्रीराम ने लंका विजय के बाद यहाँ शिवलिंग की स्थापना कर पूजन-अर्चन किया था। इस धाम की यात्रा करना पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग माना जाता है।
यह विशेष तीर्थयात्रा 12 सितंबर को सम्पन्न होगी, जब सभी श्रद्धालु पावन धाम के दर्शन कर उज्जैन लौटेंगे।