- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Ujjain Central Jail: कैदियों ने श्राद्ध पक्ष पर किया पितरों का तर्पण, कालसर्प दोष की पूजा भी संपन्न; 150 पुरुष और 50 महिला कैदियों ने लिया धार्मिक आयोजन में हिस्सा!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में सोमवार को श्राद्ध पक्ष के अवसर पर अनोखा दृश्य देखने को मिला। जेल परिसर में करीब 200 कैदियों ने अपने पितरों के लिए तर्पण किया। इस विशेष आयोजन में 150 पुरुष और 50 महिला कैदी शामिल हुए। जेल प्रशासन का कहना है कि कैदियों की धार्मिक आस्थाओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पिछले तीन वर्षों से जेल परिसर में यह विशेष पूजन कराया जा रहा है।
सिद्धवट घाट का धार्मिक महत्व, जेल में भी मिला पुण्यफल
श्राद्ध पक्ष के दौरान देशभर से श्रद्धालु उज्जैन के सिद्धवट घाट पर पितरों का तर्पण करने पहुंचते हैं। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए जेल अधीक्षक मनोज साहू के मार्गदर्शन में कैदियों के लिए भी यह धार्मिक आयोजन संभव कराया गया। पूजन कराने वाले पंडित श्याम शर्मा ने बताया कि सामान्यतः तर्पण सिद्धवट घाट पर किया जाता है, लेकिन चूंकि जेल महाकाल वन क्षेत्र में स्थित है और सिद्धवट घाट के समीप है, इसलिए यहां तर्पण करने से भी वही पुण्यफल प्राप्त होता है।
कालसर्प दोष पूजा और रुद्राक्ष वितरण
तर्पण के साथ-साथ कैदियों के लिए कालसर्प दोष निवारण पूजा भी कराई गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद सभी कैदियों को रुद्राक्ष वितरित किए गए। कैदियों का कहना था कि इस विधि-विधान से उन्हें मानसिक शांति और सुकून मिला है। कई कैदियों ने कहा कि वे पहली बार इस तरह के धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने हैं और उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने परिजनों के साथ सिद्धवट घाट पर तर्पण कर रहे हों।
जेल प्रशासन की पहल
जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि यह पहल कैदियों को आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने और उनके भीतर सकारात्मकता लाने के उद्देश्य से की जा रही है। पिछले तीन सालों से लगातार यह आयोजन हो रहा है और हर साल बड़ी संख्या में कैदी इसमें शामिल होकर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हैं।