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मानसून के आखिरी दौर में भी बरसात जारी: उज्जैन में 24 घंटे में 28.9 मिमी बारिश: महिदपुर-घट्टिया में सबसे ज्यादा; शिप्रा का जलस्तर बढ़ा!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मानसून के अंतिम चरण में भी उज्जैन जिले में बारिश का दौर जारी है। कलेक्टर कार्यालय भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटों में जिले की औसत वर्षा 28.9 मिमी दर्ज की गई।
तहसीलवार बारिश का आंकड़ा
18 सितंबर की सुबह तक दर्ज वर्षा के अनुसार –
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उज्जैन तहसील – 34.0 मिमी
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घट्टिया – 66.0 मिमी
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महिदपुर – 68.0 मिमी
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झारड़ा – 20.0 मिमी
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तराना – 54.1 मिमी
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माकड़ौन – 18.0 मिमी
इस प्रकार जिले में अब तक कुल 791.6 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाता है। 2024 में इसी अवधि तक 740.4 मिमी वर्षा हुई थी।
प्रदेश स्तर पर स्थिति
मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसतन 43.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से करीब 7.4 इंच अधिक है। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में 65 इंच और सबसे कम खरगोन में 26.2 इंच दर्ज की गई है।
इंदौर–उज्जैन संभाग की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही है। यहां अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।
शिप्रा नदी और स्थानीय हालात
उज्जैन में लगातार हुई बारिश से शिप्रा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ा है। रामघाट क्षेत्र के कुछ मंदिरों में पानी घुस गया है, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाई का सामना करना पड़ा। वहीं ग्रामीण इलाकों में खेतों को पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को खरीफ फसलों में राहत की उम्मीद है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी चार दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। वर्तमान में पूर्वी बिहार और मराठवाड़ा क्षेत्र पर बने चक्रवातों तथा उनसे जुड़ी द्रोणिकाओं के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके असर से शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर और इंदौर संभाग सहित उज्जैन जिले में भी हल्की वर्षा हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में एक और तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अब मानसून की वापसी भी शुरू हो चुकी है। आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है, जबकि गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी वापसी दर्ज की जा चुकी है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के कई जिलों से भी मानसून की विदाई संभव है।