- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मध्यप्रदेश में बरसात का आखिरी दौर जारी, उज्जैन जिले में 2.6 मिमी बारिश दर्ज — 10 अक्टूबर तक लौट जाएगा मानसून
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत बारिश से भीगी हुई है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। वहीं, मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिन तक हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि अब मानसून विदाई की ओर है।
उज्जैन में फिर बरसे बादल, महिदपुर में सर्वाधिक 13 मिमी वर्षा
उज्जैन जिले में रविवार को हुई बारिश ने लोगों को राहत दी। कलेक्टर कार्यालय भू-अभिलेख विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 2.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
-
महिदपुर तहसील में सर्वाधिक 13 मिमी,
-
तराना में 6.1 मिमी,
-
माकडौन में 3 मिमी,
-
जबकि झारड़ा क्षेत्र में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, 1 जून से अब तक उज्जैन जिले में कुल 864.4 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है, जो इस सीजन के लिए संतोषजनक मानी जा रही है।
प्रदेशभर में झमाझम, भोपाल और बैतूल में भारी बारिश
रविवार को भोपाल, बैतूल, रायसेन, सीहोर, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, शिवपुरी, सिवनी, बालाघाट, दमोह, सतना, धार, सागर, छिंदवाड़ा सहित 20 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश हुई।
रायसेन में सबसे ज्यादा 3.7 इंच, भोपाल में 2.5 इंच और बैतूल में 2 इंच से अधिक पानी गिरा।
भोपाल में शाम को बारिश इतनी तेज थी कि भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर गाड़ियां रेंगती हुई चलीं। भारी वर्षा के कारण भदभदा और कलियासोत डैम के गेट भी रात में खोल दिए गए।
ग्वालियर-चंबल सूखा, बाकी इलाकों में रिमझिम जारी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि आने वाले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
“फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। ग्वालियर-चंबल संभाग पूरी तरह ड्राई रहेगा, जबकि मालवा और नर्मदापुरम क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे।”
21 जिलों में 24 घंटे में बारिश
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 21 जिलों में बारिश हुई।
-
रायसेन – 3.7 इंच
-
भोपाल – 2.5 इंच
-
बैतूल – 2 इंच
-
सिवनी – 1.5 इंच
-
टीकमगढ़ – 1.2 इंच
-
दमोह और नर्मदापुरम – 1 इंच
सागर, देवास, राजगढ़, धार, विदिशा, सीहोर और शाजापुर जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा।
10 अक्टूबर तक लौटेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अब तक ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है।
राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।
शेष जिलों से 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई पूरी हो जाएगी।
इस साल मानसून की एंट्री और अब विदाई
इस साल 16 जून को मानसून ने मध्यप्रदेश में दस्तक दी थी — जो तय तारीख से एक दिन बाद था। आमतौर पर 6 अक्टूबर तक मानसून प्रदेश से विदा हो जाता है, लेकिन इस बार बने नए सिस्टम के कारण इसकी विदाई कुछ दिनों तक और खिंच सकती है।
किसानों को मिली राहत
बारिश के इस अंतिम दौर ने खेती को नमी दी है, जिससे रबी फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने बारिश को शुभ संकेत माना है।
भले ही मानसून विदा होने की तैयारी में है, लेकिन उज्जैन समेत मध्यप्रदेश के कई जिलों में मौसम फिलहाल सुहावना बना हुआ है। आने वाले तीन दिन तक हल्की बारिश की संभावना है और 10 अक्टूबर तक मानसून पूरी तरह लौट जाएगा।