- CM मोहन यादव के परिवार में शोक: मोसैरी बहन ग्यारसी बाई यादव का निधन, आज उज्जैन में अंतिम संस्कार
- महाकाल मंदिर में बड़ी बैठक: श्रद्धालुओं की सुविधा से लेकर सिंहस्थ-2028 तक रोडमैप तय, 299 करोड़ का बजट मंजूर
- भोर में खुले महाकाल के पट: जल और पंचामृत से अभिषेक, शेषनाग मुकुट में दर्शन
- बंगाल के रुझानों का असर उज्जैन तक: भाजपा की बढ़त पर बंगाली कॉलोनी में उत्सव, ढोल-नगाड़ों के साथ मना जश्न
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
CM मोहन यादव के परिवार में शोक: मोसैरी बहन ग्यारसी बाई यादव का निधन, आज उज्जैन में अंतिम संस्कार
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन से एक शोकपूर्ण खबर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार में दुख का माहौल है। उनकी मोसैरी बहन ग्यारसी बाई यादव का निधन हो गया है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वे कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अल्प बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने से न केवल परिवार, बल्कि शहर के सामाजिक और राजनीतिक वर्ग में भी गहरा शोक व्याप्त है।
ग्यारसी बाई यादव यादव परिवार की वरिष्ठ सदस्य थीं और परिवार में उनका विशेष स्थान था। वे अजय यादव और विजय यादव की माता तथा विनायक और सुमुख की दादी थीं। इसके अलावा उनका संबंध शहर के कई प्रमुख नामों से भी रहा, जिनमें प्रेस क्लब अध्यक्ष नंदलाल यादव, मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव और नगर निगम सभापति कलावती यादव शामिल हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही विभिन्न संगठनों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया मंगलवार, 5 मई को निर्धारित की गई है। शाम 5 बजे चक्रतीर्थ पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान वल्लभभाई पटेल मार्ग, खजूरवाली मस्जिद चौराहा से निकाली जाएगी, जो चक्रतीर्थ पहुंचकर अंतिम संस्कार में परिवर्तित होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अपनी मोसैरी बहन को अंतिम विदाई देने के लिए उज्जैन पहुंचेंगे। वे अंतिम संस्कार में शामिल होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
ग्यारसी बाई यादव के निधन से यादव परिवार के साथ-साथ शहर के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों ने एक वरिष्ठ और सम्मानित व्यक्तित्व को खो दिया है। उनके जीवन और योगदान को याद करते हुए लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं।