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उज्जैन: मेडिकल परीक्षण के दौरान पुलिस को चकमा देकर आरोपी फरार, चरक अस्पताल से भागने के बाद शहरभर में तलाश तेज
उज्जैन में बुधवार को पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब मेडिकल परीक्षण के लिए चरक अस्पताल लाया गया एक आरोपी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर अस्पताल परिसर से भागने में सफलता हासिल कर ली। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी नीरज श्रीवास्तव प्रॉपर्टी धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में बंद था। मामले की आगे की जांच और पूछताछ के लिए चिमनगंज मंडी थाना पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट के आधार पर जेल से अपने साथ लेकर आई थी। नियमानुसार पूछताछ से पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाना आवश्यक था, जिसके लिए पुलिस उसे चरक अस्पताल लेकर पहुंची।
अस्पताल पहुंचने के बाद आरोपी को मेडिकल जांच की प्रक्रिया के लिए इमरजेंसी विभाग में ले जाया गया। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की निगरानी में मौजूद आरोपी ने अचानक मौका देखा और तेजी से अस्पताल के इमरजेंसी गेट की ओर दौड़ लगा दी। इससे पहले कि पुलिसकर्मी उसे पकड़ पाते, वह अस्पताल परिसर से बाहर निकल चुका था।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार आरोपी अस्पताल के इमरजेंसी गेट से निकलकर सीएमएचओ कार्यालय की दिशा में भागा और वहां से पीछे वाले रास्ते का उपयोग करते हुए क्षीर सागर रोड की ओर फरार हो गया। पूरी घटना कुछ ही क्षणों में हुई, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी तत्काल उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सके।
आरोपी के भागने की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने बिना देर किए आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। संभावित मार्गों पर पुलिस टीमों को तैनात किया गया और विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर आरोपी की तलाश की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी सूचित किया गया। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू की गई ताकि आरोपी की भागने की दिशा और उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस तकनीकी और मैदानी दोनों स्तरों पर जांच में जुटी हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी और उसके सहयोगियों पर एक ही संपत्ति को कई लोगों को बेचने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा कथित रूप से जाली रजिस्ट्री के माध्यम से लोगों को धोखा देने के आरोप हैं। इसी मामले में उससे आगे की पूछताछ की जानी थी, जिसके लिए उसे जेल से बाहर लाया गया था।
घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। मेडिकल परीक्षण जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से फरार हो जाने को गंभीर चूक माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर भी पूरे घटनाक्रम की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
चिमनगंज मंडी थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हैं और आरोपी की तलाश लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी तकनीकी संसाधनों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द हिरासत में लेकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।