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विक्रम विश्व विद्यालय के गोपनीय विभाग में लगी आग, उत्तरपुस्तिकाएं और थीसिस जलीं
उज्जैन | आज सुबह कोठी रोड स्थित विक्रम विश्व विद्यालय के प्रशासनिक भवन के स्वर्ण जयंती सभागृह में स्थित गोपनीय विभाग में अचानक आग लग गई। खबर मिलने पर फायर ब्रिगेड की दमकलों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। कुलपति और रजिस्टार सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे गये थे। गोपनीय कक्ष में परीक्षाओं की कॉपियां रखी हुई थी। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगना बताई जा रही हैं।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर लगे तालों की चाबी नहीं मिलने पर ताले और दरवाजा तोडऩा पड़ा। इस काम में 20-25 मिनट का समय लग गया। उधर आग अपना काम करती रही। गोपनीयत विभाग में लगी आग की जानकारी किसी को भी नहीं लगी। इतफाख से गेस्ट हाउस का कर्मचारी किसी काम से प्रशासनिक भवन आया था।
जिसमें गोपनीयत विभाग कार्यालय से धुंआ उठते हुए देख कर उसने इसकी सूचना कुल सचिव परीक्षितसिंह को दी। इसके बाद उन्होंने कुलपति डॉ. एसएस पांडे को खबर दी। विक्रम विश्व विद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के रात्रि मे दो चौकीदार ड्यूटी पर रहते हैं। इसके अलावा यहां पुलिस की चौकी भी हैं। जहां 24 घंटों पुलिस के जवान तैनात रहते हैं। बावजूद इसके आज सुबह गोपनीय विभाग में लगी आग की जानकारी किसी ने भी पुलिस, फायर ब्रिगेड या विश्वविद्यालय के अधिकारियों को नहीं दी।
यानी की सभी घटना के समय नदारद थे। गोपनीय विभाग में आग लगने की जानकारी मिलते ही कुलसचिव और कुलपति तुरंत मौके पर पहुंचे इसके बाद अन्य अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। लेकिन काफी देर तक भी ऑफिस अधीक्षक बीएस शर्मा मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर कुलपति मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों पर भड़के और कार्यवाही करने की चेतावनी दी।
रूम में परीक्षा की कॉपियां थी
जिस कक्ष में आग लगी उसमें विक्रम विश्वविद्यालय का रिकॉर्ड और विभिन्न परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका रखी हुई थी। आग से क्या सामान जला, अभी इस बात की जानकारी नहीं लग सकी।
आग लगी या लगाई गई ?
गोपनीय विभाग में लगी आग को लेकर विक्रम विश्वविद्यालय में तरह-तरह की चर्चा चल रही हैं। कुछ लोग शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कह रहे हैं तो कुछ इसे पिछले दिनों चोरी गए उतर पुस्तिका के बंडल से जोड़कर देख रहे हैं।गोपनीय विभाग में आग लगने की जानकारी मिली है। फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
-डॉ. एसएस पांडे, कुलपति विक्रम, विश्वविद्यालय