- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
केरल में गैर ब्राह्मणों को पुजारी बनाने का विरोध, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
उज्जैन | केरल सरकार के अधीन केरल देवस्थान भर्ती बोर्ड ने केरल त्रावणकोर देवस्थानम बोर्ड के प्रबंधन वाले मंदिरों में 62 पुजारी पद नियुक्ति में 36 गैर ब्राह्मणों की अनाधिकृत और सनातन धर्म विरोधी नियुक्ति के विरोध में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन संभागायुक्त और कलेक्टर को सौंपा।
केरल सरकार ने सनातन हिंदू धर्म के मंदिरों में परंपरा व वेद शास्त्रों व पुराणों के विधान के खिलाफ जाकर वोट बैंक के लिए जो नियुक्तियां की हैं, उससे समूचे भारत का ब्राह्मण वर्ग आहत है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया कि इस्कॉन भी ब्राह्मण दीक्षा के नाम पर सनातन धर्म और वैदिक परंपराओं के खिलाफ आयोजन कर रही है जबकि वेद शास्त्रों व पुराणों में ब्राह्मण दीक्षा का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। पंं. सुरेंद्र चतुर्वेदी, जियालाल शर्मा, महेश पुजारी, शिवेंद्र तिवारी, रविंद्र भारद्वाज, उत्तम दुबे, योगेश शर्मा, ब्रह्मानंद दीक्षित आदि ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग कि केरल के मंदिरों में पुजारी नियुक्ति के इस धर्म विरुद्ध आचरण पर और इस्कॉन द्वारा आयोजित की जाने वाली ब्राह्मण दीक्षा के आयोजनों पर रोक लगाएं।