- फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी: CM ने उज्जैन में फ्लोरीकल्चर सेंटर बनाने का किया ऐलान, बोले- कम जमीन में ज्यादा आय का माध्यम बनेंगी उद्यानिकी फसलें
- महाकाल मंदिर में नई सुविधा: अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन होगा दान, वेबसाइट के जरिए कहीं से भी कर सकेंगे दान
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: भांग-चंदन और ड्रायफ्रूट से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- उज्जैन के गजनीखेड़ी में प्रशासन की चौपाल: कलेक्टर-SP ने रात गांव में बिताई, मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया
- सुबह 4 बजे खुले कपाट: बाबा महाकाल का दूध-दही-घी से अभिषेक, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
नंबर वन आने के लिए इस बार स्वच्छता की थीम पर लगेगा कार्तिक मेला
उज्जैन | इस साल का कार्तिक मेला स्वच्छता की थीम पर आधारित होगा। मेले में आने वाले लोगों को निगम स्टाफ सफाई कैसे रखें, यह सिखाएंगे। इसके अलावा मेले की सफाई व्यवस्था भी बदलाव करेंगे ताकि कहीं कोई गंदगी दिखाई न दे।
कार्तिक मेला 4 नवंबर से लगेगा। शिप्रा तट पर लगने वाले इस पारंपरिक मेले को इस बार स्वच्छता अभियान की थीम पर सजाने की तैयारी नगर निगम ने की है। स्वच्छता रेटिंग में नंबर वन आने की तैयारी के क्रम में इसे रखा गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 में शहर को 12 वां स्थान मिला था। नागरिकों को सफाई के प्रति प्रेरित करने के लिए मेले में भी निगम प्रशासन जोर लगा रहा है। मेले की सजावट से लेकर कार्यक्रमों तक इसका असर दिखाई देगा। महापौर मीना जोनवाल का कहना है- स्वच्छता में नंबर वन आने के लिए सभी संभव कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में मेले में भी स्वच्छता को थीम बना कर नागरिकों को जागरूक करेंगे। निगम ने स्वच्छता का संदेश देने के लिए निजी कंपनी की मदद भी ली है, जो वार्डों में जाकर नागरिकों को जागरूक करती है। यही टीम मेले में भी अपने नाटक व अन्य कार्यक्रम प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा मेले की सजावट भी स्वच्छता पर आधारित होगी। प्रदर्शनी के माध्यम से सफाई व्यवस्था में नागरिक कैसे सहयोग कर सकते हैं, यह सिखाया जाएगा।
मेले में दिखेगी सफाई
अपर आयुक्त सुरेश रेवाल व उपायुक्त सुनील शाह मेले को साफ-सुथरा रखने के लिए प्लान कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था इस तरह की जाएगी कि मेले में कही गंदगी दिखाई न दे। गंदगी करने वालों को अपना कचरा डस्टबिन में डालने के लिए भी प्रेरित करेंगे।