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जिला अस्पताल में आज से डायलिसिस यूनिट शुरू, मरीजों को यह होगा फायदा
उज्जैन | जिला अस्पताल में संचालित डायलिसिस यूनिट बीते आठ दिन से बंद पड़ी हुई है। शॉर्ट सर्किट से यूनिट के आरओ प्लांट की पैनल और मोटर जल गई। इससे यहां डायलिसिस नहीं हो पा रही है।
जिला अस्पताल में ५ बेडेड डायलिसिस यूनिट संचालित होती है। जनवरी २०१६ में इस यूनिट का शुभारंभ किया गया था। रोजाना यूनिट में १० मरीजों की डायलिसिस की जाती है। सुबह ८ बजे से शाम ६ बजे तक ये यूनिट संचालित की जाती है, लेकिन आठ दिनों से यूनिट में मरीजों की डायलिसिस नहीं हो पा रही है, वजह है शॉर्ट सर्किट से यूनिट के आरओ प्लांट की पैनल और मोटर जल जाना है। शिकायत के बावजूद संबंधित कंपनी का इंजीनियर पैनल और मोटर सुधार के लिए नहीं आ पा रहा है, जिसका खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें महंगी दरों पर निजी अस्पतालों में डायलिसिस करवाना पड़ रही है। तराना निवासी आजम खान ने बताया कि वे बीते ६ महीने से यूनिट में डायलिसिस करवा रहे हैं। हर सप्ताह उन्हें डायलिसिस करवाना पड़ती है। इस सप्ताह उन्होंने इंदौर रोड स्थित निजी अस्पताल में ३५०० रुपए में डायलिसिस करवाई। पिछले सप्ताह भी नंबर वाले दिन यूनिट बंद हो गई थी। नंबर आने के पहले ही आरओ प्लांट की मोटर बंद पड़ गई थी। जिससे डायलिसिस नहीं हो सकी। अब अगले सप्ताह होने वाली डायलिसिस की जानकारी लेने के लिए आए हैं।
अधिक लोड की वजह से बार-बार फाल्ट
यूनिट में ५ मशीन संचालित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यूनिट में इन मशीनों के संचालन के लिए लगाए गए आरओ प्लांट पर इसमें लगी पैनल और मोटर की तुलना में बिजली का अधिक लोड है। जिस वजह से इसमें बार-बार शॉर्ट सर्किट की वजह से फाल्ट होता है। बीते एक वर्ष में तीन बार से अधिक बार इसी वजह से यूनिट बंद पड़ चुकी है।
निजी कंपनी की लापरवाही
प्रदेश के जिला अस्पतालों में डीआरडीसी द्वारा डायलिसिस यूनिट आरंभ की गई थी। सभी अस्पतालों में संचालित डायलिसिस यूनिट के आरओ प्लांट का ठेका निजी कंपनी को दिया गया था, लेकिन इस कंपनी द्वारा स्तरीय सामान नहीं लगाने की वजह से ये समस्या आ रही है।
जारी किया है नोटिस
कंपनी इंजीनियर को नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को कंपनी का इंजीनियर जिला अस्पताल पहुंचा और पैनल आदि का काम किया है। शनिवार से मरीजों की डायलिसिस शुरू होगी।
डॉ. राजू निदारिया, सिविल सर्जन