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टिकट खरीदकर गरबा करने आए लोगों से आयोजकों ने कहा ‘गरबे बंद होने के लिए आप जिम्मेदार, हमसे माफी मांगे
उज्जैन। समय रात 8 बजे, स्थान इंदौर रोड स्थित रुद्राक्ष क्लब एंड रिसोर्ट, गेट के बाहर हाथ में पास लिए हुए अंदर प्रवेश के लिए धक्के खाते लोग जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे भी। ऐसे हालत में यदि कोई अनहोनी हो जाती तो उसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाता।
रुद्राक्ष क्लब एंड रिसोर्ट और राज इवेंट द्वारा आयोजित गरबा नाइट-2018 का दूसरा दिन आयोजकों के मिसमैनेजमेंट की भेंट चढ़ गया जिसका खामियाजा 20 दिन से गरबे का प्रशिक्षण ले रहे पार्टिसिपेंट्स, उनके परिजन और 250 रुपए के पास खरीदकर गरबे का आनंद लेने पहुंची शहर की जनता को उठाना पड़ा। भीड़ प्रबंधन में नाकाम आयोजकों के बाउंसर्स ने एंट्री गेट पर पास लिए लाइन में धक्के खा रहे लोगों के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की। स्थिति तब और खराब हो गई जब बाउंसर्स के इस रवैये का शिकार वहां पहुंची महिलाएं और बच्चे भी हुए। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस बुलाकर रात 9 बजे ही गरबे बंद करवाना पड़े।
पहले दिन पीने का पानी खत्म पानी की बोतलें बेची
इवेंट का पहला दिन भी मिसमैनेजमेंट का शिकार रहा। इवेंट शुरू होने के एक घंटे में ही वहां की गई नि:शुल्क पीने के पानी की व्यवस्था बंद हो गई जिससे लोगों को पीने का पानी भी खरीदकर पीना पड़ा। या तो आयोजकों को अंदाजा नहीं था कि इतनी भीड़ आएगी या जान बूझकर मिनरल वाटर बोतलें बेचने के मकसद से ऐसी स्थिति निर्मित की गई।
पार्टिसिपेंट्स को अपने छोटे बच्चों को साथ ले जाने से रोका
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया इवेंट में व्यवस्थाएं बिलकुल ठीक नहीं थीं जिन लोगों ने गरबे का प्रशिक्षण लिया था उनकी एंट्री अलग गेट से आईडी कार्ड द्वारा दी जा रही थी। इसका कोई साइन बोर्ड या पूर्व सूचना उन्हें नहीं दी गई। वे प्रवेश द्वार ही ढूंढते रहे। जैसे-तैसे गेट तक पहुंचे तो उन्हें अपने साथ आए छोटे बच्चों को प्रवेश करने से रोक दिया गया जिसे लेकर भी काफी बहस हुई। प्रशिक्षणार्थियों का कहना था कि हम 6-7 वर्ष के अपने छोटे बच्चे को भीड़ में कहां छोड़कर जाएं।
अपनी अव्यवस्था का ठीकरा पार्टिसिपेंट्स के सिर पर फोड़ा
गेट पर धक्का-मुक्की और आयोजकों की अभद्रता की सूचना जब पुलिस को लगी तो उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर गरबे बंद करने का आदेश दिया। आदेश मिलने के बाद आयोजकों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए गरबे बंद कर दिए और वहां आए लोगों को ही इसके लिए कसूरवार ठहरा दिया। आयोजकों ने गरबे में मौजूद लोगों को अनाउंसमेंट के माध्यम से बताया कि ‘पुलिस ने गरबा बंद करवाया दिया है अब हम इसे आज चालू नहीं रख सकते, इसके लिए आप लोग ही जिम्मेदार हैं आपको हमसे माफी मांगना चाहिए। इस अनाउंसमेंट को आयोजन ने करीब ३ से ४ बार दोहराया। आयोजकों के यह शब्द वहां मौजूद लोगों को अपमानजनक लगे। कुछ लोग यह सुनकर अपनी टिकट का रिफंड लेने भी पहुंचे जिन्हे आयोजकों ने रवाना कर दिया।