- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
धोखाधड़ी : निवेश के नाम पर आधा दर्जन लोगों को लाखों की चपत
कंपनी बंद, प्रकरण दर्ज, संचालक फरार
एक कथित कंपनी संचालकों ने निवेश के नाम पर दर्जनों लोगों को लाखों रुपए की चपत लगा दी। कंपनी ऑफिस में तालाबंदी से मामला सामने आने पर जांच के बाद सोमवार को नीलगंगा पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया।
शास्त्री नगर निवासी आनंद पिता विवेकानंद सक्सेना, अवंतिपुरा के मोहम्मद पिता अब्दुल वाहिद ने अपने साथियों के साथ सनशाईन टॉवर के थर्ड फ्लोर पर विधाता सहकारी लिमिटेड नामक कंपनी खोली थी। तीनों ने लोगों को निवेश पर भारी लाभ का लालच दिखाकर फांस लिया।
लोगों ने लाखों रुपए राशि जमा कराई, लेकिन फिक्स राशि के मैक्चयोर होने पर कंपनी लाभ तो ठीक मूल राशि देने में भी आनाकानी करने लगी। परेशान लोगों ने पुलिस को शिकायत की। मामले में माधव नगर सीएसपी ऋतु केवरे ने जांच की और आरोप सही पाए जाने पर सोमवार को आंनद, मोहम्मद आदि के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए।
डायरी तक नहीं दी
बताया जाता है कि कंपनी ने विभिन्न निवेश योजना निकाल रखी थी। इसी डेेली व फिक्स डिपाजिट भी थी। पीडि़तों का आरोप है कि कंपनी संचालक उन्हें जमा राशि की डायरी तक नहीं देते थे और एफडी मेच्यौर होने के बाद भी सिर्फ भरौसा ही दिलाते रहे।
पूर्व में भी हो चूकी करोड़ों की ठगी
सर्वविदित है कि शहर में पूर्व में आईडी, निवेश और भूखंडों के नाम पर कई बार ठगी की वारदातें हो चुकी है। सैकड़ों लोगों इन घटनाओं में शिकार होकर करोड़ों रुपए गवां चूके हंै। बावजूद हर बार शातिर लोग फर्जी कंपनियां खोलकर लालच देते हैं और लोग इसमें फंस जाते हैं, इसलिए निजी कंपनियों की विश्वसनीयता जांचे बिना इनसे बचने का प्रयास करे।
इनका कहना…
करीब आधा दर्जन लोगों ने शिकायत की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कंपनी संचालकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
ऋतु केवरे, सीएसपी माधव नगर