- सिंहस्थ 2028 की तैयारी: उज्जैन में 800 ‘आपदा मित्र’ होंगे तैनात, शिप्रा घाटों पर दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
- जया किशोरी पहुंचीं महाकाल दरबार: नंदी हॉल में किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद
- तड़के खुला महाकाल का दरबार: पंचामृत अभिषेक के बाद त्रिपुंड और मुकुट में सजे बाबा के दिव्य दर्शन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- CM मोहन यादव ने क्षिप्रा घाटों का किया निरीक्षण: बोले- श्रद्धालुओं की सुविधाओं में नहीं हो कोई कमी, 200 मीटर पर सुविधा केंद्र बनाने के दिए निर्देश
- मिस इंडिया एक्सक्विजिट ईशा अग्रवाल पहुंचीं महाकाल: भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन, देश की खुशहाली की कामना
वन विभाग कार्यालय के पास पेड़ काटा
नगर निगम और वन विभाग ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल पल्ला झाड़ा
शहर में एक पॉश इलाके में दिनदहाड़े अज्ञात लोगों ने एक हरेभरे पेड़ पर कुल्हाड़ी चला दी। पेड़ काटे जाने से आसपास के रहवासी और दुकानदार आक्रोशित हो गए। दिलचस्प बात यह है जहां घटना हुई उससे महज कुछ दूरी पर वन विभाग कार्यालय और कलेक्टर सहित कई अधिकारियों के बंगले हैं। बावजूद इसके हरियाली पर कुल्हाड़ी चला दी।
एक ओर तो सरकार पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर शहर में अज्ञात लोग हरेभरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। ऐसी ही एक घटना मंगलवार अलसुबह सेठी नगर चौराहे पर हुई। यहां बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम के बाहर लगा एक वृक्ष को अज्ञात व्यक्ति ने काट दिया।
जब घूमने निकले लोगों और आसपास के रहवासियों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने आक्रोशित होकर नाराजगी जताई। लोगों का कहना था पेड़ हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पेड़ों से ही हम जिंदा है।
पेड़ काटने से की घटनाओं से लगातार हरियाली कम हो रही है। सेठीनगर से लगे उद्यन मार्ग पर वन विभाग के कार्यालय है, इसके अलावा कई अधिकारियों के बंगले है फिर भी दिनदहाड़े पेड़ काट दिए जाते हैं तो अन्य जगह क्या स्थिति होगी।
सीसीटीवी फुटेज से मिल सकती है जानकारी
सेठीनगर चौराहे पर पेड़ काटा गया है उसके पास ही बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम है जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उस कैमरे की फुटेज चैक की जाए तो पेड़ किसने काटा इसकी पुख्ता जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा आसपास की दुकानों पर भी कैमरे लगे हैं जहां से जिम्मेदार विभाग जानकारी जुटाकर कार्यवाही कर सकते हैं।
एक-दूसरे पर डाली जिम्मेदारी
पेड़ काटे जाने की जानकारी जब लोगों को लगी तो वे वहां एकत्र हो गए और आक्रोश जाहिर किया। लोगों ने बताया हमने घटना के संबंध में वन विभाग कार्यालय को फोन किया लेकिन उन्होंने इसकी जिम्मेदारी नगर निगम पर थोप दी। वहीं नगर निगम ने इसके लिए वन विभाग को शिकायत करने की बात कही। इस तरह दोनों विभागों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदार डालकर अपने काम से पल्ला झाड़ लिया।
इनका कहना
यह नगर निगम की सीमा है इसलिए यह उनके क्षेत्र में आता है। पेड़ काटने वाले पर सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। हमारे अपने विभाग के लोगों को मौका स्थल पर भेजा है।
गयाप्रसाद मिश्रा, सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन विभाग ऐसे मामले मैं नहीं देखता हूं। इस संबंध में आप उद्यानिकी विभाग से बात करें।
मनोज पाठक, अपर आयुक्त, नगर निगम
मैं दिखवाता हूं। पेड़ काटने पर सजा का नहीं जुर्माने का प्रावधान है। इसमें ५०० से लेकर ५ हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
योगेंद्र गंगराड़े, उपयंत्री, नगर निगम