- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
शरद पूर्णिमा पर खीर खाने का वैज्ञानिक-धार्मिक महत्व
शरद पूर्णिमा के दिन चांद की रोशनी में रखे खीर को लेकर कुछ मान्यताएं हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के चांद से निकली रोशनी हमारे स्वास्थ्य को पूरे साल बेहतर रखती है। रात भर चांद की रोशनी में रखी खीर को अल सुबह खाने से सांस से जुड़ी परेशानियां खत्म होती हैं। जानिए चांदनी वाली खीर खाने का वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व के बारे में… वैज्ञानिक कारण… उज्जैन में धनवंतरी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट…
और पढ़े..









