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- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
सावन महोत्सव की प्रस्तुतियों ने घोला आस्था का रस, शिवजी की 12 कर्ण मुद्राओं का प्रदर्शन हुआ
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के महति आयोजन 18 अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव “शिव संभवम” की दूसरी संध्या में पहली प्रस्तुति डॉ. मधुमिता भट्टाचार्या के शास्त्रीय गायन की हुई। डॉ. मधुमिता भट्टाचार्या के शास्त्रीय गायन का प्रारम्भ राग भिन्नसरज विलंबित ख़याल एक ताल में अरज सुन लीजे गजानन…., राग भिन्नसरज में द्रुत ख़याल तीन ताल में मंगल कीजे गणराज….की प्रस्तुति के बाद राग शंकरा द्रुत ख़याल डमरू डम-डम बाजे….की प्रस्तुति दी गई। उसके बाद कजरी कहे…
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