वेद परिवार को सैल्यूट:चारों भाई-भतीजे 24 घंटे ऑक्सीजन की रिफिलिंग में जुटे

वेद परिवार को सैल्यूट:चारों भाई-भतीजे 24 घंटे ऑक्सीजन की रिफिलिंग में जुटे

कोरोना के गंभीर रोगियों को वक्त रहते ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए वेद परिवार भोजन-पानी व आराम करने का वक्त तक भूल गया है। राघौपिपल्या के प्लांट पर चारों भाई व भतीजे 24 घंटे गैस रिफिलिंग के कार्य में जुटे रहते हैं। यह पूछने पर कि आराम कब करते है, खाना कब खाते हैं, इसके जवाब में कहते हैं कि जब ऑक्सीजन नहीं होती है तो थोड़ी देर सुस्ताते हैं, तभी खाना भी खा पाते…

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महंगा पड़ा विरोध करना:उज्जैन में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

महंगा पड़ा विरोध करना:उज्जैन में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोरोना काल में सरकार की अव्यवस्थाओं का विरोध करना कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता को महंगा पड़ा गया। पुलिस उन्हें घर से गिरफ्तार कर थाने ले गई। प्रदेश प्रवक्ता ने ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। पिछले कुछ दिनों से वे लगातार अस्पतालों की भी व्यवस्थाओं को लेकर विरोध कर रही थी। पुलिस ने उन्हें थाने से ही जमानत देकर छोड़ दिया। उज्जैन कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता नूरी खान को उनके घर नानाखेड़ा से पुलिस…

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कोरोना संक्रमण:जितने नए मरीज, उतने ठीक भी हो रहे, 7 दिन में 1841 घर पहुंचे

कोरोना संक्रमण:जितने नए मरीज, उतने ठीक भी हो रहे, 7 दिन में 1841 घर पहुंचे

कोरोना की दूसरी लहर में यह अच्छी खबर है कि शहर और जिले में कोरोना बैलेंस होने लगा है। यानी जितने मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं, उतने ही मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। सात दिनों में 1841 मरीज स्वस्थ होकर घर पहुंचे। लगातार रिकवरी बढ़ने से ग्राफ में सुधार की उम्मीद बनी हुई है। संक्रमित 7 से 10 दिनों में स्वस्थ हो रहे हैं और गंभीर मरीजों को स्वस्थ होने में 20 से 22…

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उज्जैन के इलेक्ट्रिशियन का प्रयोग:मछलियों को सांस देने वाली मशीन इंसानों के भी आ सकेंगी काम;

उज्जैन के इलेक्ट्रिशियन का प्रयोग:मछलियों को सांस देने वाली मशीन इंसानों के भी आ सकेंगी काम;

देश भर में बढ़ते कोरोना संक्रमण और ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोग अपनी जान गंवा बैठे है। परिवार के परिवार अब उजड़ने लगे है। ऐसे में उज्जैन के युवा इलेक्ट्रिशियन गौरव ने कुछ अलग कर दिखाया है। गौरव ने फिश पॉट में जैसे मछलियों को ऑक्सीजन दी जाती है वैसे ही इंसानों के लिए एक मशीन तैयार की है। गौरव मालपानी ने बताया कि वर्तमान हालात में ऑक्सीजन के लिए लोग कई तरह…

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महामारी के इस दौर में जहां अपने ही साथ छोड़े रहे हैं वहीं….

महामारी के इस दौर में जहां अपने ही साथ छोड़े रहे हैं वहीं….

कोविड पेशेंट की नि:शुल्क काउंसलिंग कर स्वस्थ कर रही है शहर की मानसी थम्मा पूरे देश में 300 लोगों की टीम कर रही है कार्य उज्जैन। कोरोना महामारी के दौर में जब अपने ही अपनों का साथ छोड़ रहे हैं, ऐसे कठिन समय में उज्जैन शहर की मानसी थम्मा…कोविड पेशेंट की नि:शुल्क काउंसलिंग कर उन्हें स्वस्थ कर रही हैं। अक्षर विश्व से चर्चा में आपने बताया कि जब मुझे कोविड हुआ तब मैं एक एनजीओ…

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नहीं थम रही ऑक्सीजन की कमी से मौतें:तेजनकर में ऑक्सीजन की कमी एक दिन में 4 मरीजों की मौत

नहीं थम रही ऑक्सीजन की कमी से मौतें:तेजनकर में ऑक्सीजन की कमी एक दिन में 4 मरीजों की मौत

अस्पतालों से लाशें निकलने का सिलसिला रुक नहीं रहा। अधिकांश मौतों का कारण ऑक्सीजन की कमी बताई जा रही है। सोमवार को तेजनकर अस्पताल से 4 मरीजों की लाशें मोक्षधाम पहुंची। मृतकों के परिजनों के अनुसार रविवार रात हॉस्पिटल में ऑक्सीजन का स्टाक खत्म होने से मरीज की जान गई है। अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन की कमी होने की बात स्वीकारी है। चार मौत की पुष्टि भी की। लेकिन ऑक्सीजन कमी से मौतें हुई, इससे…

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उम्मीदों को मिली जिंदगी:पति-पत्नी संक्रमित, ऑक्सीजन पर बिताया समय

उम्मीदों को मिली जिंदगी:पति-पत्नी संक्रमित, ऑक्सीजन पर बिताया समय

जिद के आगे ही जीत है, चाहे जिद जिंदगी से लड़ने की हाे या माैत काे मात देने की। अगर जिद है तो आपकी जीत पक्की है। ऐसा ही एक जिद की वास्तविक घटना सामने आई है, जिसमें परिवार की जिद और डॉक्टरों की काेशिश ने काेराेना काे हराकर संघर्षाें के बीच नवजात का जन्म करवाया। शहर की बेटी निशिका पाेरवाल की शादी इंदाैर निवासी नितिन पाेरवाल से हुई है। अप्रैल की शुरुआत में नितिन…

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5 दिन में मां, दो बेटियों की मौत:संक्रमित मां की देखभाल के लिए बेटियां ससुराल से आईं तो उन्हें भी कोरोना हो गया

5 दिन में मां, दो बेटियों की मौत:संक्रमित मां की देखभाल के लिए बेटियां ससुराल से आईं तो उन्हें भी कोरोना हो गया

शाजापुर में कोरोना संक्रमित हुई महिला उज्जैन में अपनी बहन के घर पहुंची तो उससे बहन भी संक्रमित हो गई। संभालने के लिए उनकी दो बेटियां ससुराल से आ गईं तो कोरोना ने उन्हें भी घेर लिया। हालात यह बने कि महज पांच दिन में मां के साथ ही दोनों बेटियां भी कोरोना का शिकार हो गईं। अब उज्जैन के परिवार में 22 साल का बेटा बचा है। हालांकि वह भी कोरोना पॉजिटिव होकर ठीक…

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खतरों के बीच ऐसा त्याग:घर वालों को नहीं पता हम कोरोना से मृत लोगों की लाशें ढो रहे

खतरों के बीच ऐसा त्याग:घर वालों को नहीं पता हम कोरोना से मृत लोगों की लाशें ढो रहे

जब लोग घरों में हैं तब 40 डिग्री तापमान में भी सुबह से रात तक संक्रमित शवों को उठाकर मोक्षधाम पहुंचाने की अगर कोई हिम्मत कर रहा है तो असल में कोरोना योद्धा वही है। शर्मनाक है कि जान दांव पर लगाने वाले ऐसे योद्धाओं की जिंदगी और उसके परिवार की चिंता नगर निगम काे नहीं है। मात्र 6 से 7 हजार रुपए वेतन में काम कर रहे इन कर्मचारियों को संक्रमण से बचाव के…

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यह युद्ध है और हमारेे योद्धा दिन-रात डटे हैं:किसी तपती भट्‌टी के पास रहने जैसा है 39 डिग्री गर्मी में पीपीई किट पहनना

यह युद्ध है और हमारेे योद्धा दिन-रात डटे हैं:किसी तपती भट्‌टी के पास रहने जैसा है 39 डिग्री गर्मी में पीपीई किट पहनना

39 डिग्री के पास पहुंचता पारा और उसी तीखी गर्मी में पीपीई किट से पूरी तरह पैक डॉक्टर। जिनके पास अपने भी जाने से डर रहे, उनके बीच रहना। ऑक्सीजन, दवा, देखरेख… सबकुछ तो कर रहे हैं ये डॉक्टर। जिंदगी बचाने की जी-तोड़ कोशिश। जिद बस एक- कैसे भी हर मरीज बच जाए। किसी की जान न जाए। सरकारी अस्पताल हों या निजी। डॉक्टर दिन-रात लगे हैं। जब आप बिना एसी-कूलर और पंखे के एक…

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