- महाकाल मंदिर पहुंचे अनुपम खेर, शुभांगी दत्त और सिंगर अमित भल्ला: अलग-अलग आरतियों में हुए शामिल, नंदी हॉल में किया पूजन; मांगी मनोकामना
- सिंहस्थ 2028 से पहले कार्रवाई तेज: उज्जैन में 4 अवैध निर्माण ढहाए, 3 को मिला 2 दिन का समय
- महाकाल में भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए दर्शन, गूंजा जयकारा
- उज्जैन में फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल देखने पहुंचे CM मोहन यादव: विजेता को ₹1 लाख, उपविजेता को ₹51 हजार अतिरिक्त इनाम
- सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को नई सौगात: CM मोहन यादव ने 18 करोड़ की सड़क का किया लोकार्पण, कहा - सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
धनतेरस पर्व आज, भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से होती है आरोग्य की प्राप्ति; आज से आरंभ हुआ दीपावली का पर्व
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
धनतेरस का पर्व दीपावली के पाँच दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है, जो कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। इसी कारण से बर्तन खरीदने की परंपरा का आरंभ हुआ, और इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ-साथ माता लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा भी की जाती है। इस दिन से दीपावली का पर्व आरंभ होता है।
इसके साथ ही, इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। चूँकि भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया है, और भगवान धन्वंतरि ने चिकित्सा विज्ञान का प्रचार-प्रसार किया था, इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है।
भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के दो दिन बाद मां लक्ष्मी समुद्र से प्रकट हुईं, इसीलिए धनतेरस के दो दिन बाद दिवाली का उत्सव मनाया जाता है। धनतेरस के अवसर पर माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि, और भगवान कुबेर की पूजा करके धन, समृद्धि, और स्वास्थ्य की कामना की जाती है।