- ड्यूटी के बाद रंगों में डूबी उज्जैन पुलिस: कलेक्टर-एसपी ने जवानों संग मनाई होली, ढोल-डीजे पर थिरके अफसर और जवान
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती की प्रक्रिया: रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे महाकाल, भोर में उमड़ा आस्था सागर!
- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
उज्जैन में पिता की शर्मनाक हरकत: चलती कार में 9 साल के बेटे को लटकाया, पुलिस ने रोका और लगाई कड़ी फटकार
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पिता ने अपने 9 साल के बेटे को चलती कार में बाहर लटका दिया। यह नजारा चामुंडा माता चौराहा पार करते समय चिमनगंज मंडी थाने में तैनात आरक्षक सर्वेश मालवीय की नजर में आया। उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया और कुछ ही देर में पुलिस ने कार को रोककर पिता को कड़ी फटकार लगाई।
यह घटना मंगलवार-रात करीब 12 बजे हुई। बताया जा रहा है कि आरक्षक सर्वेश मालवीय जब चामुंडा माता चौराहा से गुजर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि एक फॉर्च्यूनर कार के ड्राइवर साइड के दरवाजे से एक बच्चा बाहर लटका हुआ है। यह दृश्य न केवल खतरनाक था बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी था।
आरक्षक ने तत्काल वायरलेस सेट के जरिए कंट्रोल रूम को सूचना दी। महिला थाना प्रभारी टी.आई. लीला सोलंकी और आरक्षक सर्वेश मालवीय ने तुरंत कार का पीछा किया और आईजी बंगले के पास उसे रोक लिया।
कार रुकते ही चालक दीपक पमनानी ने पुलिस को देखकर कान पकड़कर माफी मांगी। पुलिस ने उससे इस गंभीर हरकत का कारण पूछा, तो उसने कहा कि यह “मस्ती में किया गया एक स्टंट” था। महिला थाना प्रभारी लीला सोलंकी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यह मजाक नहीं है, बल्कि बच्चे की जान के साथ खिलवाड़ है और ऐसी हरकत न सिर्फ कानूनी दृष्टि से गलत है बल्कि नैतिक रूप से भी गंभीर अपराध है।
आगे की कार्रवाई
चूंकि यह घटना देर रात की थी, इसलिए उसी समय कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, बुधवार सुबह माधव नगर थाने को आदेश दिया गया कि पिता दीपक पमनानी के खिलाफ चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में भविष्य में और सख्ती बरती जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर चिंता और नाराज़गी है। कई लोग मानते हैं कि यह सिर्फ एक “मस्ती” नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही है, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर लोग सुरक्षा नियमों के पालन की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।