- उज्जैन में BJP का स्थापना दिवस: 560 बूथों पर कार्यक्रम, जुलूस-आतिशबाजी के साथ मनाया जश्न; नेताओं ने बताया- भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी
- अलसुबह भस्म आरती में सजे बाबा महाकाल, मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
गंदे पानी से त्रस्त उज्जैन! महापौर ने सड़क पर बैठकर प्रशासन को जगाया, महापौर के धरने के बाद शुरू हुआ काम; 1.5 साल से गंदा पानी पी रहे थे लोग
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में प्रशासन की लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया, जिसने शहरभर में हड़कंप मचा दिया। महापौर मुकेश टटवाल और एमआईसी सदस्यों को अपनी ही पार्टी की सरकार में अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ सड़कों पर बैठना पड़ा।
दरअसल, शहर के वार्ड 16 में गंदे पानी की गंभीर समस्या से त्रस्त रहवासियों की शिकायतें डेढ़ साल से अनसुनी की जा रही थीं। टूटी पाइपलाइन से गंदा और दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा था, लेकिन प्रशासन कानों में तेल डाले बैठा रहा। जब महापौर खुद मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा, तो उन्हें “फंड नहीं है” कहकर टाल दिया गया।
बस फिर क्या था! महापौर और एमआईसी सदस्य वहीं धरने पर बैठ गए और ऐलान कर दिया कि जब तक काम शुरू नहीं होगा, वे यहां से नहीं हटेंगे। जिसके बाद अधिकारियों की नींद टूटी, पीएचई के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में काम शुरू करवाया।
वहीं, महापौर ने कहा, ” यह धरना नहीं था लेकिन अधिकारियों को डेढ़ साल से समस्या बता रहे है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन हमें बैठना पड़ा, क्योंकि ये लोग काम ही नहीं करना चाहते!”