- महाकाल दरबार पहुंचे सुनील शेट्टी, परिवार के साथ शांत माहौल में किए दर्शन; Border-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद
- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती सम्पन्न: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधि-विधान से हुआ पूजन, राजा स्वरूप में बाबा महाकाल दिए दर्शन!
- उज्जैन में मानवता की मिसाल, शिप्रा आरती के दौरान बिछड़ी बुजुर्ग महिला को उज्जैन पुलिस ने 6 घंटे में ढूंढ निकाला!
गंदे पानी से त्रस्त उज्जैन! महापौर ने सड़क पर बैठकर प्रशासन को जगाया, महापौर के धरने के बाद शुरू हुआ काम; 1.5 साल से गंदा पानी पी रहे थे लोग
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन में प्रशासन की लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया, जिसने शहरभर में हड़कंप मचा दिया। महापौर मुकेश टटवाल और एमआईसी सदस्यों को अपनी ही पार्टी की सरकार में अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ सड़कों पर बैठना पड़ा।
दरअसल, शहर के वार्ड 16 में गंदे पानी की गंभीर समस्या से त्रस्त रहवासियों की शिकायतें डेढ़ साल से अनसुनी की जा रही थीं। टूटी पाइपलाइन से गंदा और दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा था, लेकिन प्रशासन कानों में तेल डाले बैठा रहा। जब महापौर खुद मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा, तो उन्हें “फंड नहीं है” कहकर टाल दिया गया।
बस फिर क्या था! महापौर और एमआईसी सदस्य वहीं धरने पर बैठ गए और ऐलान कर दिया कि जब तक काम शुरू नहीं होगा, वे यहां से नहीं हटेंगे। जिसके बाद अधिकारियों की नींद टूटी, पीएचई के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में काम शुरू करवाया।
वहीं, महापौर ने कहा, ” यह धरना नहीं था लेकिन अधिकारियों को डेढ़ साल से समस्या बता रहे है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन हमें बैठना पड़ा, क्योंकि ये लोग काम ही नहीं करना चाहते!”