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परीक्षा की तारीख तय नही लगा दिया विलंब शुल्क:विक्रम विश्वविद्यालय के कारण छात्रों पर आर्थिक भार
उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली के कारण विद्यार्थियों का आर्थिक नुकसान हो रहा है। हालत यह है कि यूजी की परीक्षा के लिए टाईम टेबल का निर्धारण ही नही हुआ और विद्यार्थियों से विलंब शुल्क वसूल लिया। ऐसे विद्यार्थी यूजी के अलावा पीजी दूसरे और चौथे सेमेस्टर के है। हालांकि कुलपति इस समस्या को लेकर विद्यार्थियों से लिया गया विलंब शुल्क वापस करने का हवाला दे रहें है।
विक्रम विश्वविद्यालय की यूजी प्रथम वर्ष की रेग्युलर और प्राइवेट की परीक्षा के साथ ही पीजी की दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा होना है। इस बार पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव के कारण परीक्षा का टाईम टेबल निर्धारित नही हो सका था। वहीं परीक्षा विभाग से पूर्व में ही परीक्षा आवेदन करने के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी थी। ऐसे में विश्वविद्यालय और एमपी ऑनलाईन की गलती के कारण कई विद्यार्थियों के परिणाम समय पर घोषित नही होने अथवा परिणाम अपडेट नही होने के कारण अगली परीक्षा के आवेदन जमा नही हो पा रहे थे। जब आवेदन जमा होने की बारी आई तो बुधवार को ऑनलाईन आवेदन करने पर 750 रूपए विलंब शुल्क लगा दिया।
विलम्ब शुल्क लौटाने का आश्वासन
बुधवार को एप्लाइड माइक्रोबॉयोलाजी चौथ सेमेस्टर, बीएचएससी प्रथम वर्ष और एमजेएमसी पाठ्यक्रम के दूसरे और चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने विलंब शुल्क लगने की जानकारी दी है। समस्या जब कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे के पास पहुंची तो उन्होने कहा बच्चो का नुकसान नही होने देगें। ऐसे बच्चों को विलंब शुल्क लौटाने का आश्वासन दिया है।
प्राचार्यो ने ऑनलाईन बैठक में बताई समस्या
बुधवार को कार्य परिषद सभा कक्ष में यूजी और पीजी की परीक्षा आयोजन के लिए ऑनलाईन बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान कुलपति प्रो.पांडे और कुलसचिव डॉ. प्रशांत पौराणिक मौजूद थे। प्राचार्यो ने बताया कि चुनाव के कारण उनके कॉलेज भवन का अधिग्रहण हो चुका है। वहीं शिक्षक और कर्मचारी भी चुनाव ड्यूटी में है। ऐसे में परीक्षा कै से कराएंगे। ऐसी स्थिति में कुलपति ने अधिग्रहित भवन के अलावा अन्य कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाकर परीक्षा कराने का हवाला देते रहे। हालांकि इसके बाद भी यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा को लेकर कोई तिथि तय नही हो सकी।