- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
भक्तों को दर्शन देने ढाई बजे रात में ही जागे बाबा महाकाल, किया गया पूजन अर्चन
सार
आज यानी सोमवार को श्रावण मास का पहला दिन है। बाबा महाकाल रात ढाई बजे ही भक्तों को दर्शन देने के लिए जाग गए। चंदन और भांग से विशेष श्रृंगार हुआ। राष्ट्र की सुख समृद्धि की कामना को लेकर पूजन अर्चन किया गया।
विस्तार
भगवान शिव के प्रिय मास श्रावण की शुरुआत हो चुकी है। आज विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रात 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए और भस्म आरती की शुरुआत की गई। वैसे तो प्रतिदिन बाबा महाकाल की भस्म आरती अलसुबह चार बजे शुरू होती है। लेकिन आज श्रावण मास के सोमवार के विशेष महत्व के चलते बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देने के लिए डेढ़ घंटा पहले जागे और हजारों भक्तों को भस्म आरती की बैठक व चलित व्यवस्था के अंतर्गत रूप में अपना आशीष भी प्रदान किया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित आशीष गुरु ने बताया कि वर्षों के बाद एक ऐसा विशेष संयोग आया है, जब श्रावण मास की शुरुआत सोमवार से हो रही है। राष्ट्र की कामना को लेकर आज बाबा महाकाल का विशेष पूजन अर्चन किया गया। भस्म आरती की प्रतिदिन की प्रक्रिया के अनुसार ही भगवान वीरभद्र से आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया और उसके बाद भगवान का पूजन अर्चन तो हुआ ही। लेकिन आज भगवान का पंचामृत स्नान करवाने के साथ ही उन पर केसर युक्त जल अर्पित किया गया और चंदन व भांग से बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार भी किया गया।