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विद्युत मंडल कर्मचारी बिल के नाम पर करते है धांधली…
उज्जैन:एक छोटी सी गुमटी का बिजली बिल प्रतिमाह हजार रुपए आता होगा लेकिन विद्युत मंडल ने मक्सीरोड की एक गुमटी संचालक के नाम से ४९ हजार रुपए का बिल जारी किया है। बिल एक माह का नहीं बल्कि सालों का लगता है। खास बात यह है कि बिल पड़ोसी को थमाया गया और वह भी उस समय भेजा जब अतिक्रमण में गुमटी हट गई। ऐसे में विद्युत मंडल की कार्यशैली और ईमानदारी पर सवाल तो खड़े होना वाजिब है।
मक्सीरोड विद्युत मंडल कार्यालय के समीप ही प्रकाश पिता मनमोहन तिवारी नामक व्यक्ति की गुमटी सालों से लगी थी। इसमें सिंगल फेस कनेक्शन था। कुछ माह पहले नगर निगम गुमटी उठा ले गई। यहा तक सब ठीक था लेकिन गड़बड़ी उस समय सामने आई जब विद्युत मंडल कर्मचारी ने गुमटी नदारद देख एक रहवासी को गुमटी का ४९ हजार रुपए बिल थमा गए।
तय है बिल दो-चार माह से बाकी तो होगा नहीं। ऐसे में विद्युत मंडल अधिकारी इतने समय से क्या कर रहे थे और अब वसूली कैसे होगी। सर्वविदित है किसी का दो-तीन माह का बिल बाकी होने पर विद्युत मंडल फोन कर देता है। ५-१० हजार का बिल बाकी होने पर कनेक्शन काट देते हैं। यही वजह है कि मामले में मंडल कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है।
सैकड़ों गुमटियों पर लाखों का बिल
विद्युत मंडल के सूत्रों के अनुसार धंधेबाज गुमटी वाले फर्जी दस्तावेजों से मीटर लगवाते और बिल नहीं भरते। अधिक राशि होने पर या तो दूसरे नाम से नया मीटर लगवा लेते हैं या फिर गुमटी बेच देते हैं। शहर के सभी झोन में ऐसे दर्जनों बिल पेंडिंग है, अधिकारियों के कारण इस पर सख्ती नहीं होती।
बिल ज्यादा तो बदल लो मीटर
यह हम नहीं कह रहे, बल्कि विद्युत मंडल कर्मचारी ही रास्ता बताते है। सूत्रों के अनुसार विद्युत मंडल में कई दलाल घूमते रहते हैं। कर्मचारी और अधिकारियों के नजदीकी यह दलाल लाखों रुपए का बिल बकाया होने पर कुछ प्रतिशत देने पर पुराना मीटर जला या खराब बताने का रास्ता बताते हुए नया मीटर लगाने का दावा करते हैं।
इनका कहना…
गुमटी हटने पर बिल वसूली के लिए निगम या क्षेत्र के रहवासियों से गुमटी संचालक को ट्रेस करने की कोशिश करते हैं। मालिक के नहीं होने पर बिल ऑफिस मे जमा करने के निर्देश दे रखे हैं, किसने बिल दिया पता नहीं और कितनी गुमटियों का कब से और कितना बिल बकाया है। यह फिलहाल बताया नहीं जा सकता।
केतन रायपुरिया, डीई, विद्युत मंडल मक्सीरोड झोन