- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
शनिवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल का भांग, चंदन, सूखे मेवे, सिंदूर से राजा स्वरूप मनमोहक श्रृंगार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के 4 बजे भस्म आरती के दौरान पट खोलने के पश्चात भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। ततपश्चात मंत्रोउच्चार के साथ दूध, दही, घी, शक्कर रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन के बाद भांग, चंदन, सूखे मेवे, सिंदूर, आभूषण से राजा स्वरूप मनमोहक श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती में भगवान महाकाल ने मस्तक पर रजत चंद्र और ॐ धारण कर सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की गयी।
फल और मिष्ठान का भोग लगाया भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी। मान्यता है की भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते है।