- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मालविका अग्निमित्रम् में शृंगार और प्रेम की अभिव्यक्ति की कलाकारों ने
उज्जैन | कालिदास अकादमी संकुल में संस्कृत नाटकों की शृंखला में मंगलवार शाम आखिरी नाटक मालविका अग्निमित्रम् की प्रस्तुति हुई। शहर के कलाकारों ने कथानक में मौजूद शृंगार और प्रेम की अभिव्यक्ति में अपने कला कौशल का बेहतर इस्तेमाल किया। महाकवि कालिदास की रचना की संस्कृत में प्रस्तुति अंकुर रंगमंच उज्जैन ने की। प्रमुख कलाकारों में सूत्रधार यश भावसार, अग्निमित्र- साहिल खान, विदूषक- आलोक निगम, मालविका- परिधि प्रजापत, धारिणी-मीशा भाटिया, इरावती- खुशी मीणा, कौशिकी- मानसी शर्मा के साथ अन्य कलाकारों की भी भूमिका सराहनीय रही। निर्देशन राजेंद्र चावड़ा का था। दिल्ली के वरिष्ठ रंगकर्मी हफीज खान भी मौजूद थे।