- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू से सजे बाबा, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
कार्यक्रम में कवियों ने काव्य पाठ भी किया।
राष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक है हिंदी- डॉ. बुधौलिया
उज्जैन | हिंदी हमारे राष्ट्र गौरव, आन-बान और अस्मिता का प्रतीक है। आज हिंदी विश्व स्तरीय मान्यता प्राप्त भाषा हो चुकी है। यह बात ऋचा विचार मंच, प्रबुद्ध परिषद व पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिक संस्था के हिंदी सप्ताह अंतर्गत हुए हिंदी दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. हरिमोहन बुधौलिया ने कही। स्वागत उद््बोधन अध्यक्ष महेश ज्ञानी ने दिया। सुरेंद्र खंडेलवाल ने बताया शशिमोहन श्रीवास्तव, डॉ. अजय खुर्शीद, डॉ. क्षमा सिसौदिया, डॉ. पुष्पा चौरसिया, डॉ. विष्णुप्रसाद कचौले, मंजु गौतम, एचआर राठौर, नवीन आचार्य ने रचना प्रस्तुत की। काव्यपाठ का संचालन डॉ. पिलकेंद्र अरोरा ने किया। कार्यक्रम में आरसी शर्मा, अरविंद भटनागर, ज्ञान भार्गव, शीला व्यास, घनश्याम केवलिया मौजूद थे। संचालन हरिहर शर्मा ने किया। आभार रमेश खरे ने माना।