- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
अनुमति जी प्लस टू की थी, बना लिया जी प्लस फोर, निगम ने चौथी मंजिल की दीवारों पर चलाए हथौड़े
कोतवाली के सामने जी प्लस टू यानी ग्राउंड फ्लोर के साथ दो मंजिला निर्माण की अनुमति लेकर एक भवन मालिक ने जी प्लस फोर मकान बना लिया। इसकी शिकायत के बाद नगर निगम मंगलवार को उसकी छत के निर्माण को तोड़ने की शुरुआत की।
निगम अफसरों के अनुसार सेंट्रल कोतवाली के सामने मकान नं. 122 में अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। मौके पर वह सही निकली। इसके बाद निगम के अमले ने अवैध निर्माण पर हथौड़े चलाना शुरू कर दिए। कार्रवाई के दाैरान मकान मालिक सुनीता नाहर भी मौके पर पहुंची। उन्होंने कार्रवाई का विरोध किया। फिर निगम को कार्रवाई रोकने के लिए पत्र दिखा। जिसमें उन्होंने लिखा है कि अवैध निर्माण को 4-5 दिन में हटा लिया जाएगा।
अवैध हिस्से को निगम ने हथौड़े चलाकर धराशायी कर दिया।
संकरा मार्ग होने से नहीं पहुंची जेसीबी
अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहले जेसीबी और डंपर भी मौके पर पहुंचाए जाने थे लेकिन संकरा और व्यस्त मार्ग होने के कारण निगम के अमले ने यहां हाथों से निर्माण तोड़ने की योजना बनाई। अतिक्रमण हटाओ गैंग के मोनू थनवार के साथ जोन 3 के बिल्डिंग निरीक्षक राजेंद्र रावत ने पूरे मकान का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने ऊपर की दो मंजिलों को तोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- हथौड़े ऐसे चलाएं कि बिल्डिंग मटेरियल नीचे सड़क पर न पहुंचे ताकि यातायात पर कोई असर न हो। इसके अलावा आसपास के भवनों का भी ध्यान रखें। इसके बाद निगम के अमले ने हथौड़े चलाने शुरू किए। आधे घंटे बाद मकान मालिक नेे निगम आयुक्त के नाम पत्र लिखकर खुद अवैध निर्माण हटाने की बात कही। इसके बाद अमले ने काम रोक दिया।