- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
शालेय कालिदास समारोह का समापन
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सप्तदश शालेय कालिदास समारोह का आयोजन 22 से 24 नवम्बर तक किया गया। समारोह का समापन महाकाल प्रवचन हॉल में ऊर्जा मंत्री पारस जैन के मुख्य आतिथ्य में हुआ। प्रदेश के दूर-दराज से आए कनिष्ट वर्ग एवं वरिष्ठ वर्ग के प्रतिभागियों ने विभिन्न विधाओं में भागीदारी की। अतिथियों के द्वारा प्रतिभागियों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। ऊर्जा मंत्री जैन ने कहा कि पुरस्कार राशि में बढ़ोत्तरी होने पर विद्यार्थियों में खुशी की लहर है। जैन ने अवगत कराया कि उनके शिक्षा मंत्री रहते प्रतियोगिता में प्रथम आने पर 15 हजार, द्वितीय आने पर 10 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 5 हजार रुपये की राशि उनके खातों में जमा कराई जाती है।
उन्होंने नृत्य नाटिका की श्रेष्ठ प्रस्तुतियां देने पर कलाकारों की सराहना की। कार्यक्रम के प्रारम्भ में ऊर्जा मंत्री जैन एवं महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो.रमेशचंद्र पंडा तथा विश्वविद्यालय अध्यापन विभाग महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. तुलसीदास परोहा ने मां सरस्वती एवं कालिदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर पुष्प अर्पित किये। इसके पूर्व प्रतिकल्पा संस्था की प्रतिभा रघुवंशी के मार्गदर्शन में अनन्या गौड़ एवं अवनि शुक्ला ने रंगारंग मनोहारी नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक अरविंद सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी संजय गोयल, उप संचालक रमा नाहटे, एसआर अचाले आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों के द्वारा शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों हेतु महाकवि कालिदास की रचनाओं पर आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन करने के साथ ही प्रतियोगिताओं पर आधारित स्मारिका विशाला का विमोचन किया।