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घट स्थापना से उमा-सांझी महोत्सव शुरू:बाबा महाकाल के आंगन में पहले दिन मंदिर में झांकी के साथ रंगोली बनाई
सृष्टि के रचयता शिव एवं उमा का पुरुष एवं प्रकृति के उत्सव का रूप श्री महाकालेश्वर मंदिर में उमा-सांझी महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह महोत्सव अश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी से अश्विन शुक्ल द्वितीया तक मनाया जाता है।
उमा-सांझी का पूजन लोक परंपरा व प्राचीन संस्कृति पर आधारित है। प्रतिवर्ष इस महोत्सव को धूम धाम से मनाया जाता है लेकिन कोविड के चलते इस बार भी गाइड लाइन के तहत श्रद्धालुओं को महोत्सव में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने शनिवार को सपत्नीक सुबह श्री उमा माता की घट स्थापना, अखंड दीप प्रज्वलित कर परंपरागत पूजन-अर्चन के साथ महोत्सव का प्रारंभ किया।
पूजन मंदिर के पुजारी विकास शर्मा व आशीष पुजारी ने करवाई। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल, प्रतीक दिवेदी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी,पीएन उदैनिया,पं.सत्यनारायण जोशी, पं.राधेश्याम शास्त्री, पं. शैलेन्द्र शर्मा,पं.अजय शर्मा, पं. विश्वास कराडकर मौजूद थे। शाम को आरती के पश्चात चारों वेदों के ब्राहमणों द्वारा वसंत पूजा (वेद पाठ) किया। अब प्रतिदिन सभामंडप में मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा श्री अन्नपूर्णा मंदिर के पास रखे प्राचीन पत्थर पर रंगोली से संझा बनाई जाएगी। वहीं विभिन्न झांकियां भी सभामंडप में सजेंगी। पहले दिन शनिवार को शाम को खूबसूरत झांकी और रंगोली बनाई गईं।