- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने महाकाल मंदिर के आसपास भिक्षुओं के खिलाफ चलाया अभियान
टीका लगाकर रुपये मांगने वाले नाबालिगों को थाने में बैठाया…
उज्जैन।महाकालेश्वर मंदिर सहित उज्जैन दर्शनों के लिये देश भर के हजारों लोग प्रतिदिन शहर में पहुंच रहे हैं। दर्शनों के बाद मंदिर से बाहर निकलने के दौरान भिक्षुओं की टोली लोगों को जबरन रोककर रुपयों की मांग करती है, रुपये नहीं देने पर अभद्रता की जाती है।
इस आशय का समाचार अक्षर विश्व में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम आज सुबह सक्रिय हुई जिसे देखकर भिक्षावृत्ति करने वाले भाग गये। टीम ने लोगों को टीका लगाकर रुपये मांगने वाले नाबालिगों को पकड़कर महाकाल थाने में बैठाया
जिला बाल संरक्षण महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड लाईन और विशेष किशोर पुलिस इकाई की टीम सुबह महाकाल, हरसिद्धी, रामघाट क्षेत्र में पहुंची।
अक्सर करते हैं विवाद
महाकालेश्वर मंदिर के बाहर भिक्षुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इन भिक्षुओं द्वारा बाहर से आने वाले भक्तों से अभद्रता की जाती है। राशि को लेकर भिक्षु आपस में विवाद में करते रहते है।
कुछ समय से निर्गम द्वार पर किन्नरों का डेरा है, इनकी जबरन वसूली से हर कोई परेशान होता है। कई मर्तबा शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है।
मैं तो दोस्त के साथ आया था
मैं 8 वीं में पढ़ता हूं। मेरा दोस्त महाकाल मंदिर के पास दुकान में काम करता है। उसी ने बुलाया और कहा कि घर से थाली ले आना, मेरे पास टीका लगाने के लिये चंदन, कंकू है। दिन कुछ ही समय में अच्छी कमाई होगी।
हरसिद्धी निवासी बालक ने बताया
सुबह कमा लेते हैं 200 से 300
मैं पंवासा में रहता हूं। 11 वीं कक्षा में पढ़ता हूं। पिता फेरी लगाकर साड़ी बेचने का काम करते हैं। स्कूल की छुट्टी मारकर दोस्त के साथ मंदिर आता हूं। सुबह 8 से 12 बजे तक लोगों को टीका लगाने में 200 से 300 रुपये की कमाई हो जाती है।-पंवासा निवासी बालक ने बताया