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लोगों में उत्साह:महाकाल लोक में आपका स्वागत है…भ्रमण और दर्शन के लिए जानिए आपके काम की पांच प्रमुख जानकारी
महाकाल लोक लोकार्पण के दूसरे दिन बुधवार से महाकाल दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सामान्य दर्शनार्थी त्रिवेणी संग्रहालय और बड़ा गणेश के पास स्थित प्रोटोकॉल कार्यालय से सामने से प्रवेश कर सकेंगे। वीआईपी और शीघ्र दर्शन पूर्व की तरह गेट नंबर 4 और 5 से जारी रहेंगे।
मंदिर प्रशासक संदीप सोनी के अनुसार दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए दो रास्ते बनाए हैं। इन दोनों रास्तों से दर्शनार्थी फेसिलिटी सेंटर नंबर दो यानी मानसरोवर द्वार से गुजरते हुए फेसिलिटी सेंटर नंबर एक से होकर नवग्रह मंदिर के पास से कार्तिकेय मंडपम् से गणेश मंडपम् तक जा सकेंगे।
श्रद्धालु त्रिवेणी संग्रहालय गेट और बड़ा गणेश के सामने से प्रवेश कर सकेंगे। महाकाल लोक की दीवार, मूर्तियां के अलावा कहां पर क्या है, यह बताने के लिए त्रिवेणी संग्रहालय के गेट पर जल्द ही एक हेल्पलाइन सेंटर शुरू किया जाएगा। यहां पर भस्म आरती से लेकर शयन आरती तक कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
900 मीटर के महाकाल लोक परिसर में सिर्फ एक ही जगह पानी की व्यवस्था
महाकाल लोक बुधवार को आम लोगों के लिए खोल दिया है। पहले दिन सुबह कम लोग आए लेकिन शाम तक यह संख्या बढ़ती गई। शाम ढलने के बाद रोशनी से जगमग परिसर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें महाकाल दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु भी शामिल थे। 900 मीटर में फैले महाकाल लोक जा रहे हैं तो पांच बातें आपको जानना जरूरी है…
1 दीवार, मूर्ति, पौधे को न छुए : परिसर की दीवार, मूर्ति, फव्वारे, पौधे, लाइट से दूर रहें। निगरानी के लिए 350 कैमरे लगाए हैं। कंट्रोल रूम से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाएगी। 2 पार्किंग यहां करें : त्रिवेणी संग्रहालय के सामने पार्किंग में ही वाहन रखें। अंदर किसी भी प्रकार का वाहन ले जाना प्रतिबंधित है। केवल त्रिवेणी संग्रहालय के अफसर, कर्मचारी वाहन ले जा सकेंगे। 3 बुजुर्गों, दिव्यांग के लिए यह सुविधा : इनके लिए ई-कार्ट की व्यवस्था की गई है, जो उन्हें त्रिवेणी संग्रहालय के सामने से मिलेगी। यह सुविधा आम श्रद्धालु के लिए नहीं है। उन्हें पैदल ही भ्रमण करना होगा। 4 पॉलीथिन ले जाने पर लगेगा जुर्माना: परिसर में किसी भी प्रकार की पॉलीथिन ले जाना प्रतिबंधित है। धूम्रपान की वस्तु परिसर के अंदर ले जाना प्रतिबंधित है। उसे गेट पर ही छोड़कर जाना होगा। अंदर कहीं पर सेवन करते पाए गए तो कार्रवाई होगी। 5 पानी की परेशानी: परिसर में वाटर कूलर लगाए हैं। त्रिवेणी संग्रहालय के सामने श्रद्धालुओं को यह सुविधा मिल सकेगी। परिसर में कम से कम 20 स्थानों पानी मिलना चाहिए।