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- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
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चिंतामणि गणेश मंदिर
चिंतामणिगणेश या चिंतामणि गणेश उज्जैन में एक प्राचीन भगवान गणेश के पवित्र मंदिर है. चिंतामणि गणेश उज्जैन के सबसे बड़ा गणेश मंदिर है. यह तनाव से राहत ‘का मतलब है. के रूप में यह गणेश का मंदिर है, लोगों को हर नए उद्यम शुरू करने के लिए गणेश का आशीर्वाद लेने. इस मंदिर शिप्रा नदी के उस पार फतेहाबाद रेलवे लाइन पर बनाया गया है. खुद के जन्म – इस मंदिर में गणेश मूर्ति स्वयंभू माना जाता है. रिद्धी सिद्धी और गणेश की कांसोर्ट्स , गणेश की दोनों तरफ बैठे हैं. यह 5 किमी दूर है. उज्जैन रेलवे स्टेशन से एक यहाँ सार्वजनिक परिवहन, निजी वाहन या रेलवे से पहुँच सकते हैं.
चिंतामणि गणेश मंदिर ”सांसारिक चिंताओं से मुक्ति के आश्वासक” का मतलब है. यह मंदिर फतेहाबाद रेलवे लाइन पर शिप्रा नदी (क्षिप्रा) में बनाया है. खुद के जन्म – इस मंदिर में गणेश मूर्ति स्वयंभू माना जाता है. रिद्धी सिद्धी और गणेश की कांसोर्ट्स , गणेश की दोनों तरफ बैठे हैं. मंदिर काफी पुरातनता की माना जाता है. विधानसभा हॉल परमार की अवधि के लिए वापस की तारीख में कलात्मक खुदी खंभे. मंदिर के मुख्य शहर से लगभग 15 किमी की दूरी पर है. हर बुधवार को लोगों को विशेष दर्शन के लिए आते हैं.