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भगवान महाकाल के साथ 40 क्विंटल फूलो की होली:भस्म आरती में मस्तक पर रजत त्रिशूल, त्रिनेत्र के साथ मोगरे और गुलाब के फूल अर्पित
बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को भस्म आरती के दौरान तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल से स्नान, अभिषेक कर पण्डे पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक पूजन किया।
भगवान महाकाल को 40 क्विंटल फूल अर्पित कर होली खेली गई। मस्तक पर रजत त्रिशूल, त्रिनेत्र और चंद्र के साथ मोगरे और गुलाब के सुगंधित पुष्प अर्पित कर राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
मान्यता है की सभी त्योहारों की शुरआत महाकाल मंदिर से होती है इसी क्रम में सोमवार को भस्म आरती के दौरान महाकाल का भांग,चन्दन,सिंदूर और आभूषणों से श्रृंगार किया गया। मस्तक पर तिलक और सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट धारण कर रजत की मुंडमाला और रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला के साथ साथ 40 किवंटल सुगन्धित पुष्प से बाबा के साथ होली खेली गई। इस दौरान श्रद्धालु के साथ भी पण्डे पुजारियों ने फूलों की होली खेली ,फूलों की माला अर्पित की गयी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया।

फल और मिष्ठान का भोग लगाया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी।
