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महाकाल चल समारोह के लिए राजभवन से आया ध्वज:चांदी का ध्वज, 51 ध्वज पताका, झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह समिति के तत्वावधान में 12 मार्च को रंगपंचमी पर्व पर नगर में निकलने वाले चल समारोह के लिए इस बार राजभवन भोपाल से ध्वज महाकाल मंदिर पहुंच गया है। ध्वज चल समारोह में पांच झांकियों के साथ ही नासिक के ढोल, बैंड के साथ ही भगवान महाकाल का चांदी का ध्वज, 51 ध्वज पताकाएं रहेंगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी संजय पुजारी ने बताया कि इस बार रंग पंचमी पर श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह के लिए तैयारी प्रारंभ हो गई है। राजभवन भोपाल राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाला ध्वज इस बार पहले ही महाकाल मंदिर पहुंच गया है। 12 मार्च रविवार को रंग पंचमी की संध्या भगवान महाकाल के आंगन से चल समारोह प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होकर वापस मंदिर पहुंचेगा। चल समारोह में पांच झांकियां धार्मिक व राष्ट्रीय भावना पर केंद्रीत रहेंगी। इसके अलावा नासिक के प्रसिद्ध ढोल और उज्जैन के बेंड रहेंगे। चल समारोह के लिए मंदिर के पुजारी व पुरोहितों द्वारा तैयारी की जा रही है चल समारोह के लिए और भी आर्कषण बढ़ सकते है।
भगवान महाकाल और वीरभद्र का पूजन होगा
रंग पंचमी पर निकलने वाले श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह के पहले भगवान महाकाल और श्री वीरभद्र का पूजन करने के बाद ध्वज पूजन के साथ चल समारोह महाकाल मंदिर से संध्या 6 बजे से प्रारंभ होगा। चल समारोह में 51 ध्वज पताकाओं के साथ एक चांदी का ध्वज, श्री वीरभद्र जी का रथ और बाबा महाकाल की दर्शन की झांकी शामिल होगी। वहीं नासिक के ढोल के साथ ही उज्जैन, इंदौर के बैंड भी शामिल रहेगें।
इन मार्गो से निकलेगा चल समारोह
श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह महाकाल मंदिर से निकलकर तोपतखाना, दौलतगंज चौराहा, फव्वाराचौक, नईसड़क, कंठाल चौराहा, सतीगेट, सराफा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा होकर वापस महाकाल मंदिर पहुंचकर समाप्त होगा। वर्ष में एक बार निकलने वाले चल समारोह का स्वागत विभिन्न समाजिक संस्थाओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर मंच बनाकर किया जाएगा।
सिंहपुरी की रंग गैर आएगी महाकाल मंदिर
रंगपंचमी पर सिंहपुरी से सुबह रंग गैर निकलेगी। यह गैर विभिन्न मार्गो से होकर श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। यहां पर मंदिर समिति द्वारा ध्वज भेंट किया जाएगा। यही ध्वज शाम को सिंहपुरी के चल समारोह में शामिल होगा। चल समारोह गणगौर दरवाजा होकर कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड़, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी बाजार, पानदरिबा, सिंहपुरी पहुंचेगी। इसी तरह कार्तिक चौक का चल समारोह शाम को कार्तिक चौक से शुरू होकर गाणगौर दरवाजा, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड़ होकर वापस कार्तिक चौक पहुंचेगा। वहीं रंगपंचमी पर भागसीपुरा के निशान भी निकलेंगे। चल समारोह में ध्वज निशान, बैंड-बाजे, ढोल, विभिन्न अखाड़े, झांकी, गुरू मंडली के युवा शस्त्र प्रदर्शन करते हुए शामिल होंगे।