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22 वां दीक्षांत समारोह… राज्यपाल की उपस्थिति में कुलपति ने प्रदान की डिग्रियां
उज्जैन। आखिरकार वह दिन आ ही गया जिस दिन का शोधार्थियों को दो साल से इंतजार था। मंगलवार सुबह 11:30 बजे विक्रम विश्व विद्यालय के माधव प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में चेहरे पर मुस्कान और दिल में सभी को अलग-अलग डिग्री मिलने की खुशी उस समय काफूर हो गई जब शोधार्थियों के हाथों में डिग्री पहुंची। डिग्री में कहीं तरह की त्रुटियां थी। किसी में नाम तो किसी में वर्ष गलत था। इसकी शिकायत जब कुलपति से की तो कुलपति ने कहा कार्यक्रम हो जाने के बाद डिग्री बदल दी जाएगी। कुल मिलाकर दो साल बाद हुआ दीक्षांत समारोह अधूरी तैयारियों के बीच अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया।दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली ने की।
वे 11 बजे दताना-मताना हवाई पट्टी पहुंचे और वहां से सर्किट हाउस गए। इसके बाद 11.35 बजे सर्किट हाउस से प्रस्थान कर विक्रम विवि पहुंचे। समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर दीक्षांत भाषण देने वाले थे लेकिन चुनाव में व्यस्ततता के चलते वे नहीं आ सके। इसके पश्चात उच्च शिक्षा मंत्री जयभानसिंह पवैया ने मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत भाषण दिया। विशेष अतिथि डॉ.मोहन यादव थे।
अधूरी तैयारी के बीच भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत में अधूरी तैयारियों के बीच हुई। अतिथियों का स्वागत करने बजाय कुलसचिव डॉ. परीक्षित सिंह ने कुलपति डॉ. एसएस पांडे को सीधे अतिथि परिचय के लिए आमंत्रित कर दिया। इसके बाद कुलपति डॉ. पांडे ने उसे दुरुस्त करते हुए अतिथियों का स्वागत किया।
राज्यपाल ने प्रदान किए स्वर्ण पदक
समारोह में स्वर्ण पदक विजेता शोधार्थियों को राज्यपाल ने गोल्डमेडल प्रदान किए।
शोधार्थियों को लाल कुर्सी
समारोह स्थल पर अतिथियों के आगे सोफे लगाए गए थे। उसके बाद विशिष्ट लोगों के लिए सफेद कवर वाली गद्देदार कुर्सियां लगाई गईं, वहीं शोधार्थियों के लिए प्लास्टिक की लाल कुर्सियां रखी गईं।
मोबाइल व खाद्य पदार्थ प्रतिबंधित
कार्यक्र्रम स्थल पर सुरक्षा के लिहाज से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम स्थल पर मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने दिया गया।