- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महिलाओं ने किया दशामाता का पूजन
उज्जैन। परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए महिलाओं ने दशामाता का पूजन किया। सुबह से ही महिलाओं ने पीपल के नीचे माताजी की पूजा-अर्चना करने के बाद सूत की वेल धारण की। सनातन धर्म में दशामाता की पूजा एवं व्रत करने का विधान है। मान्यता है कि दशामाता की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि रहती है। इसीलिये महिलाओं द्वारा दशामाता का पूजन किया जाता है। महिलाओं ने पीपल के चारों ओर परिक्रमा करते हुए पेड़ की पूजा की। इसके साथ ही मंगल गीत भी गाये। परिक्रमा के दौरान सूत के धागे को पीपल के चारों ओर लपेटा गया। दशामाता को चावल, लप्सी, कड़ी आदि का भोग लगाया गया। शहर में कई जगह दशामाता का पूजन किया गया।