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भस्मारती देखने के आज से ऑनलाइन 100, ऑफलाइन 10 रुपए लगेंगे
उज्जैन । महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्मारती देखने के लिए अब श्रद्धालुओं को शुल्क देना होगा। घर बैठे वेबसाइट पर ऑनलाइन परमिशन लेने पर 100 रुपए एवं मंदिर समिति के काउंटर पर ऑफलाइन परमिशन लेने पर 10 रुपए प्रति यात्री शुल्क लगेगा। यह नई व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी। लेकिन भस्मारती परमिशन समिति एक दिन पहले जारी करती है। इसलिए शुल्क 31 मार्च से ही देना होगा। कलेक्टर संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में भस्मारती सशुल्क किए जाने का निर्णय लिया था। कलेक्टर ने व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से समस्त विभागों को पूर्व से जारी भस्मारती परमिशन का कोटा भी समाप्त करने के आदेश दिए हैं। समिति अब कोटा समाप्त कर प्रतिदिन जगह की उपलब्धता के आधार पर परमिशन देगी। मंदिर प्रशासक अवधेश शर्मा ने बताया 31 मार्च से आम श्रद्धालुओं के साथ समस्त विभाग भी मंदिर काउंटर पर शुल्क जमा कराकर ही भस्मारती की बुकिंग करा सकेंगे। ऑनलाइन परमिशन का शुल्क नेट बैकिंग के जरिए श्रद्धालु ऑनलाइन ही जमा करेंगे। वहीं ऑफलाइन के लिए कर्मचारी काउंटर पर शुल्क जमा करेंगे। समिति के अधिकारियों ने गुरुवार को भस्मारती काउंटर पर तैनात कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया।
वीआईपी दर्शन कल से महंगे 151 की रसीद 250 में
महाकाल में वीआईपी दर्शन भी महंगे हो जाएंगे। अभी बिना लाइन में लगे श्रद्धालुओं को जल्दी दर्शन करने के लिए 151 रुपए की टिकट लेना पड़ती है। अब टिकट 250 रुपए में मिलेगी। व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी।