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सिंहस्थ-2028 की तैयारी को मिलेगी नई रफ्तार, उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन परियोजना को केंद्र से हरी झंडी
सिंहस्थ-2028 की तैयारी को मिलेगी नई रफ्तार, उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन परियोजना को केंद्र से हरी झंडी
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और राजस्थान के झालावाड़ के बीच प्रस्तावित मेगा फोरलेन परियोजना को केंद्र सरकार से बड़ी मंजूरी मिल गई है। करीब 160 किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग के निर्माण के लिए 2721.72 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जल्द ही निर्माण एजेंसियों को वर्क ऑर्डर जारी किए जाने की तैयारी है। इस परियोजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क संपर्क पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर और सुरक्षित हो जाएगा।
यह सड़क परियोजना धार्मिक, आर्थिक और परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सिंहस्थ-2028 के दौरान राजस्थान और हाड़ौती क्षेत्र से उज्जैन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सामान्य दिनों में भी यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को दो अलग-अलग पैकेजों में तैयार किया है ताकि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जा सके। पहले पैकेज के अंतर्गत खिलचीपुरा से आकली-काड़िया तक लगभग 86.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग बनाया जाएगा। इस हिस्से पर लगभग 1462.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दूसरे पैकेज में आकली-काड़िया से राजस्थान के झालावाड़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-52 तक करीब 72.7 किलोमीटर सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण किया जाएगा। इस भाग पर लगभग 1259.53 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दोनों पैकेजों के पूरा होने के बाद उज्जैन से राजस्थान तक की सड़क यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगी।
परियोजना के तहत निर्माण एजेंसियों को कार्य पूरा करने के लिए लगभग दो वर्ष का समय दिया जाएगा। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव और आवश्यक मरम्मत की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसियों के पास रहेगी, जिससे लंबे समय तक सड़क की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
इस परियोजना में मध्यप्रदेश की सीमा में लगभग 133 किलोमीटर सड़क का उन्नयन किया जाएगा, जबकि राजस्थान क्षेत्र में करीब 27 किलोमीटर सड़क विकसित की जाएगी। इसके अलावा उज्जैन नगर सीमा से घोंसला तक पहले से बने फोरलेन हिस्से को भी नए डिजाइन और आधुनिक मानकों के अनुरूप बेहतर बनाया जाएगा ताकि पूरा कॉरिडोर एक समान गुणवत्ता वाला बन सके।
यातायात को सुरक्षित और बाधारहित बनाने के लिए परियोजना में छह आधुनिक फ्लाईओवर, कई बड़े पुल तथा लगभग 115 व्हीकल अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के सामने भी फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इन संरचनाओं के बनने से स्थानीय यातायात और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग संचालित हो सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।
वर्तमान समय में इस मार्ग के कई हिस्से संकरे होने के कारण भारी वाहनों और सामान्य यातायात को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क चौड़ी होने के बाद ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत होगी। साथ ही आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।
इस मेगा फोरलेन परियोजना से उज्जैन, घट्टिया, आगर, सुसनेर और सोयत सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामग्री और अन्य व्यावसायिक वस्तुओं का परिवहन आसान होगा। इससे स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने के साथ निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उज्जैन महाकाल दर्शन और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा, जिससे पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी इस परियोजना की एक और बड़ी विशेषता होगी। इससे मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच माल परिवहन अधिक तेज होगा और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना की प्रशासनिक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा होने पर सिंहस्थ-2028 से पहले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को इस आधुनिक फोरलेन मार्ग का लाभ मिल सकेगा। यह सड़क परियोजना मालवा और हाड़ौती क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई पहचान देने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।