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पंचक्रोशी यात्रा में पहली बार मोबाईल एप्प से पता किये बीमारियों के लक्षण
उज्जैन। करीब एक लाख पंचक्रोशी यात्रियों के बीच पहली बार मोबाईल एप्प का उपयोग कर बीमारियों के लक्षण की जांच की गई। सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर के साथ आर्डी गार्डी के 30 नर्सिंग स्टाफ की टीम ने प्रतिदिन एक हजार से डेढ़ हजार लोगों की जांच कर उनके शरीर में विकसित हो रहे रोग के लक्षणों को पूर्व में ही पता कर उपचार दिया।
आरडी गार्डी मेडिकल काॅलेज और नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ एपीडेमीओलाॅजी (आईसीएमआर) भारत सरकार द्वारा मोबाईल आधारित स्यन्द्रोमिक निगरानी प्रणाली स्थापित कर पंचक्रोशी यात्रा के दौरान करीब एक लाख यात्रियों के बीच आम संक्रामक रोगों के लक्षणों की निगरानी की। टीम लीडर आरडी गार्डी मेडिकल काॅलेज के सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. विशाल दीवान के अनुसार मोबाईल, टेबलेट पर चुने हुए रोगों के लक्षणों की निगरानी के लिए एक एप्प विकसित किया गया है। टेबलेट पर आयु, लिंग और अध्ययन में सम्मिलित प्रतिभागियों के निवास के साथ बुखार, दस्त, सर्दी, खांसी, उल्टी सिर दर्द शरीर में दर्द, निर्जलीकरण की स्थिति आदि पर प्रश्न है। 20 अप्रैल से प्रतिदिन यात्रा मार्ग पर नर्सिंग स्टाफ के 30 सदस्यों ने पंचक्रोशी यात्रियों से मोबाईल पर संक्रमण की जांच की। जानकारी एकत्र कर सर्वर को भेजी गई। परियोजना टीम द्वारा अंतःक्रियान्वयन वेबसाईट विकसित की गई है जिससे डेटा की निगरानी की जा सके जो वास्तविक समय और ग्राफ्स चार्ट और तालिका के रूप में स्वचलित रूप से तैयार है। 20 अप्रैल से शुरू हुआ यह अध्ययन कल 26 अप्रैल तक चलेगा। टीम ने प्रतिदिन हजार से 1500 यात्रियों से सूचनाएं संग्रहित की। प्रतिदिन टीम द्वारा रिपोर्ट तैयार कर सीएमएचओ कार्यालय भेजी जा रही हैं जिससे संक्रमण के रूझान को समझने में जिला स्वास्थ्य प्राधिकार हेतु सहायक सिध्द हो सके। अध्ययन का संचालन करने की अनुमति जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की गई।
नर्सिंग स्टाफ के 30 सदस्यों ने प्रतिदिन करीब डेढ़ हजार यात्रियों की जांच की