- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
16 जगह पर लगाए थे लाल पत्थर, सभी टूटे अब दुरुस्त करने राजस्थान से आएगी टीम
उज्जैन | नानाखेड़ा चौराहे पर लाल पत्थर से बनी रोटरी खंडहर की तरह नजर आने लगी है। इसके आसपास कई रोटरियों में भी टूट-फूट हुई है।
कृषि उपज मंडी के सामने
क्या बनाया था : चारों ओर नक्काशी लगे पत्थर। स्पोर्ट के लिए सामने बड़ा और सुंदर लाल पत्थर।
अब हालत : सामने के पत्थर टूटकर गिर गए। इन्हें लोगों ने वहीं रख दिया है।
आगर-मक्सी रोड
क्या बनाया था : त्रिकाेन डिवाइडर के तीन ओर एक्स आकार की जालियां। आगे बड़े-बड़े पत्थर।
अब हालत : त्रिकोन का एक बड़ा पत्थर टूटकर अलग हो गया है।
नानाखेड़ा चौराहा
क्या बनाया था : समुद्र मंथन के दृश्य के सामने जालियाें के साथ खुबसूरत सा गुंबज।
अब हालत : जालियां टूट गई हैं। उससे निकले पत्थर बीच में रखे हैं।
ये करेगा दल :-
राजस्थान का दल उन सभी स्थानों का सर्वे करेगा जिन स्थानों पर उन्होंने लाल पत्थर लगाए थे। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे स्थान जहां पर पत्थर अपने आप निकल गए हैं या टूट गए हैं, उन्हें बदलने के लिए कोई राशि नहीं दी जाएगी लेकिन जिन स्थानों पर पत्थर किसी कारण वश टूटे हैं उन स्थानों पर पुन: पत्थर लगाने के लिए कितना खर्च होगा इसका एस्टीमेट अलग से तैयार किया जाएगा। उसे मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। सहमति मिलने पर ही काम हो सकेगा।
सुधार के कर रहे प्रयास :-
सिंहस्थ में बनाए डिवाइडर पर लाल पत्थर लगाए थे। कुछ स्थानों पर टूट गए हैं या निकल गए हैं। उन्हें सुधारने के लिए राजस्थान के दल को बुलाया है ताकि सुधार हो सके। पीजी केलकर, ईई