- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
शिप्रा नदी को मिला शहर का दर्जा, 1 करोड़ रुपए सालाना होंगे खर्च
उज्जैन :- शिप्रा नदी को अब नगर की तरह सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। नगर निगम शिप्रा को नगर मान कर उसकी सफाई और व्यवस्थाओं के लिए निजी एजेंसी तैनात करेगा। इस पर एक करोड़ रु. सालाना खर्च होंगे। विभाग का गठन कर डिप्टी कमिश्नर को प्रमुख बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन में भी शिप्रा के लिए सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
राज्य सरकार प्रदेश में नदियों के लिए अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इसकी घोषणा की है। नगर निगम शिप्रा को लेकर पहले से काम कर रहा है। इसी कड़ी में शिप्रा को एक नगर मान कर व्यवस्थाएं करने की योजना बनाई है। गुरुवार को एजेंसी तय करने के लिए टेंडर जारी होने की संभावना है। धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने, शिप्रा की स्वच्छता और घाटों की सफाई, सुंदरता के लिए निगम निजी एजेंसी तैनात करेगा।