- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
भैयाजी सरकार जल्द चलाएंगे शिप्रा शुद्धिकरण अभियान
उज्जैन :- मां शिप्रा शुद्ध हो और हजारों-लाखों लोग इसमें स्नान कर पुण्य प्राप्त करे। इस कामना के साथ उज्जैन के भक्तों ने मंगलवार को गोधूलि बेला में रामघाट पर मां शिप्रा का 101 दूध से अभिषेक किया। 21 पंडितों ने मंत्रोच्चार कर पूजन संपन्न कराया। आयोजन के प्रमुख हरिसिंह यादव, अजीत मंगलम व रवि राय ने संत अवधेशपुरी महाराज के सान्निध्य में भक्तों के साथ यहां पूजा-अर्चना की। इसके पूर्व शाम 5 बजे बड़े गणेश के पास रुद्रसागर स्थित स्वामी विश्वात्मानंद जी के अन्नक्षेत्र से चुनरी यात्रा निकाली गई। 100 से अधिक महिला-पुरुष एवं बच्चे यात्रा में शामिल होकर रामघाट तक पैदल आए। पूजन के पश्चात भक्तों ने रामघाट से लेकर दत्त अखाड़ा घाट तक मां शिप्रा को लाल चुनरी अर्पित की। पूजा के बाद शिप्रा आरती में 56 तरह के पकवानों का भोग लगाया गया।
नर्मदा यात्रा के प्रणेता संत भैयाजी सरकार ने पूर्व में 6 जून से उज्जैन में शिप्रा को शुद्धिकरण अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की थी। लेकिन कार्यक्रम आगे बड़ गया है। हाल ही में वे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर रामघाट आए थे। संत से जुड़े अजीत मंगलम ने बताया जल्द ही संत यहां बैठक लेकर शुद्धिकरण अभियान शुरू करेंगे।