- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
03 हजार कावड़िए, 01 किलोमीटर लंबी भगवा यात्रा, जयकारे के साथ महाकाल को चढ़ाया त्रिवेणी का जल
उज्जैन । उज्जयिनी बुधवार को धर्ममय नजर आई, जब समर्पण कावड़ यात्रा संघ के 3 हजार कावड़िए एक साथ भगवा वस्त्र पहने कावड़ लेकर निकले। 1 किमी लंबी यात्रा बांसवाड़ा राजस्थान के संत उत्तम स्वामी के नेतृत्व में निकली कावड़ का पूजन करने के बाद सुबह 9 बजे कावड़िए त्रिवेणी संगम से जल लेकर निकले। यात्री दोपहर 1 बजे टॉवर पहुंचे। यात्रा को मप्र पर्यटन निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक, विधायक डॉ. मोहन यादव ने भी संबोधित किया। सभा बाद यात्रा महाकाल मंदिर पहुंची। यात्रा के संयोजक राम भागवत ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाएं पहली बार अपने क्षेत्रों के कुएं, बावड़ी, तालाब आदि का भी कावड़ में जल भरकर लाई व महाकाल काे अर्पित किया।
महाकाल मंदिर में भस्मारती गेट से प्रवेश, गर्भगृह में 6 कावड़िए गए
महाकाल मंदिर में प्रशासन ने कावड़ियों को भस्मारती गेट से प्रवेश देकर सभामंडप में लगे पात्र से जल चढ़वाया। यात्रा प्रमुख उत्तम स्वामी महाराज सहित 6 लोगों ने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाया। नंदीहॉल में पुजारी प्रदीप गुरु ने पूजन कराया। यात्रियों ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।