- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
राष्ट्रपति द्वारा महाकाल मंदिर को वर्ष 2017 का राष्ट्रीय पुरस्कार
उज्जैन | राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने रविवार को विश्व विकलांग दिवस पर महाकाल मंदिर को वर्ष 2017 का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया। श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति की ओर से कलेक्टर संकेत भोंडवे ने प्रशस्ति-पत्र नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्राप्त किया। पुरस्कार मंदिर में दिव्यांगों को आदर्श दर्शन व्यवस्था के लिए दिया। कलेक्टर के अनुसार दिव्यांग आसानी से दर्शन-पूजन कर सकें, इसके लिए समिति ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इससे यह देश का पहला बाधारहित मंदिर बन गया है।
महाकालेश्वर पहला ऐसा मंदिर है, जहां हर कोने में स्वच्छता एवं सुंदरता है। स्वच्छता के सभी मानकों में व्यवस्थाएं खरी उतरी हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां की व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं। इस दौरान पं.आशीष शर्मा, प्रशांत शर्मा, प्रदीप शर्मा, अशोक शर्मा, लोकेश व्यास, प्रशासक प्रदीप सोनी, पंकज मारू, भविष्य खोबरागड़े, सुमन शांताराम भोंडवे, प्रदीप त्रयंबक घाटगे, शैलेंद्र जैन तथा नितिन श्रीमाली मौजूद थे।