- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
‘सेवक हो सेवक की तरह रहो…नेता मत बनो’ : संभागायुक्त एमबी ओझा
उज्जैन | महाकाल मंदिर के कर्मचारी मंगलवार को लामबंद होकर वेतनवृद्घि समिति विभिन्न मांगों को मनवाने के लिए संभागायुक्त एमबी ओझा से मिलने पहुंचे। कर्मचारियों को देखते ही संभागायुक्त भड़क गए। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर सेवा का स्थान है। लाभ कमाने का जरिया नहीं है। सेवक हो सेवक की तरह रहो। नेतागिरी बंद करो और काम पर लौट जाओ।
मंदिर प्रबंध समिति के कुछ कर्मचारी अन्य कर्मचारियों के साथ वेतनवृद्घि, बोनस, अवकाश आदि मांगों को लेकर लामबंदी कर रहे थे। सूत्र बताते हैं कि कर्मचारियों को कुछ अधिकारियों का भीतर से सहयोग मिल रहा था। कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर ग्रुप तक बना लिया। मंगलवार को कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संभागायुक्त एमबी ओझा के पास पहुंचे। कर्मचारियों की लामबंदी पर संभागायुक्त ने नाराजी जताई। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि महाकाल मंदिर में सेवाभाव से काम करना चाहिए। इसे लाभ कमाने की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। अगर कोई उचित मांग है तो उसका निराकरण होगा, मगर लामबंदी किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है। गौरतलब है कि संभागायुक्त पूर्व में भी महाकाल मंदिर कर्मचारियों को दिए जा रहे अतिरिक्त हितलाभ को लेकर नाराजी जता चुके हैं।
फटकार के बाद दो धड़ों में बंटे
सूत्रों ने बताया कि संभागायुक्त की फटकार के बाद कर्मचारी दो धड़ों में बंट गए हैं। एक धड़ा मांगों को लेकर अड़ा है, जबकि दूसरे धड़े का कहना है कि 54 कर्मचारी अपने लाभ के लिए दूसरों को भी अफसरों का कोपभाजन बना रहे हैं। इससे नियमित रूप से मिलने वाले लाभों पर भी रोक लग सकती है।