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प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद महाकाल के आसपास की अनेक ठेले-गुमटियां बंद
उज्जैन। शनिवार रात महाकाल मंदिर के बाहर श्रद्धालु की हत्या के बाद गुस्साये लोगों ने पुलिस व प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसी का परिणाम रहा कि कलेक्टर ने मंदिर के आसपास चलने वाली अवैध गुमटी व दुकानों को मंगलवार तक हटा लेने के निर्देश दिये और आज सुबह अधिकांश गुमटियां बंद रहीं इसके अलावा पुलिस ने भी मंदिर के आसपास सभी प्रकार की दुकानों के मालिक व कर्मचारियों का रिकार्ड तैयार किया।
महाकाल मंदिर के बाहर श्रद्धालु विष्णु पांचाल निवासी जयसिंहपुरा की यहां दुकान संचालित करने वाले युवक अमित त्रिवेदी ने अपने पिता व बहन के साथ मिलकर शनिवार रात हत्या कर दी थी। मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की थी कि मंदिर के आसपास संचालित हो रही अवैध दुकानों को बंद कराने के साथ यहां व्याप्त गुण्डागर्दी पर रोक लगाई जावे।
सोमवार को महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की हालांकि कलेक्टर मनीष सिंह ने अवैध ठेले, गुमटी संचालकों को मंगलवार तक सभी दुकानें हटा लेने के निर्देश अवश्य दिये थे। आज सुबह मंदिर के आसपास सहित निर्गम द्वार पर लगी लगभग सभी गुमटियां बंद रहीं। दुकानदार यहां से अपना सामान समेट रहे थे। वहीं जो स्थायी दुकानें हैं उनके मालिकों ने भी काउंटर, टेबल आदि सामान दुकान के अंदर कर लिया जिससे सड़क पूरी तरह खाली नजर आई।
मालिक व कर्मचारियों का रिकॉर्ड बनाया : मंदिर के आसपास जिन लोगों ने अपने घरों के बाहर दुकानें बना लीं हैं उनके नाम, पते व मोबाईल नम्बरों के अलावा कर्मचारियों के रिकार्ड भी पुलिस ने एकत्रित कर लिये हैं। महाकाल पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 150 लोगों का रिकार्ड तैयार कर लिया गया है जिसमें प्रसाद, फूल, कंठी माला, भोजनालय आदि की दुकानें संचालित करने वाले सभी लोग शामिल हैं।