- उज्जैन प्रशासन का स्वास्थ्य अभियान, मिठाइयों पर चांदी के वर्क पर लगेगी रोक
- महाकाल पर भक्तों की अपार श्रद्धा: दान, प्रसादी और सेवाओं से 142 करोड़ की आय
- गंगा दशहरा पर महाकाल मंदिर में शुरू हुई 16 घंटे की अखंड नृत्य आराधना, शयन आरती तक कलाकार देंगे नृत्यांजलि
- महाकाल मंदिर का नंदी हॉल बदलेगा रूप, 20 लाख की लागत से होगा सौंदर्यीकरण; सावन से पहले पूरा करने की तैयारी
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती के नाम पर फिर ठगी, गुजरात की दो महिलाओं से 42 हजार रुपए वसूले; पुलिस ने शुरू की जांच
50/84 श्री स्थावरेश्वर महादेव
50/84 श्री स्थावरेश्वर महादेव विश्वकर्मा की संज्ञा नामक पुत्री सूर्य की पत्नी थी। सूर्य का तेज न सह पाने के कारण उसने अपने समान एक अन्य स्त्री को उत्पन्न किया ओर उसे आज्ञा दी की तुम सुर्य की सेवा करना ओर उन्हे मेरा पता कभी मत बताना। सूर्य ने उस स्त्री को अपनी पत्नी संज्ञा माना ओर उससे एक पुत्र हुआ, जिसका नाम शनैश्चर हुआ। शनैश्चर के प्रभाव से सभी भयभीत हो गए। इंद्र ब्रम्हदेव…
और पढ़े..









